Tuesday, March 31, 2026

महादेव ऐप पर ED का ‘डिजिटल स्ट्राइक’: बुर्ज खलीफा से लेकर दुबई के लग्जरी विला तक, 1700 करोड़ की संपत्तियां कुर्क

रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर से जुड़ी करीब 1700 करोड़ रुपए की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। ED के रायपुर जोनल कार्यालय ने 25 मार्च को मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत यह कार्रवाई की।

20 अचल संपत्तियां अटैच, दुबई में सबसे ज्यादा निवेश
ED द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, कुल 20 अचल संपत्तियों को अटैच किया गया है, जिनमें 18 संपत्तियां दुबई और 2 संपत्तियां नई दिल्ली में स्थित हैं। इन संपत्तियों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1700 करोड़ रुपए बताई जा रही है। खास बात यह है कि इनमें बुर्ज खलीफा का एक लग्जरी अपार्टमेंट भी शामिल है।

दुबई के प्राइम लोकेशन पर लग्जरी विला और अपार्टमेंट
जांच एजेंसी के मुताबिक, अटैच की गई विदेशी संपत्तियां दुबई के प्रमुख इलाकों—Dubai Hills Estate (Hills View, Fairway Residency, Sidra), Business Bay, और SLS Hotel & Residences—में स्थित हैं। यहां महंगे विला और हाई-एंड अपार्टमेंट खरीदे गए थे।

सट्टे के पैसे से खरीदी गई लग्जरी संपत्तियां
ED की जांच में सामने आया है कि ये सभी संपत्तियां अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए पैसों (Proceeds of Crime) से खरीदी गई थीं। सौरभ चंद्राकर ने सट्टे के पैसों से लग्जरी बंगले और महंगी कारें भी खरीदी थीं।

सहयोगियों के नाम पर किया गया निवेश
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि संपत्तियां सीधे तौर पर सौरभ चंद्राकर के नाम पर नहीं, बल्कि उनके करीबी सहयोगियों—विकास छपारिया, रोहित गुलाटी, अतुल अरोड़ा, नितिन तिब्रेवाला और सुरेंद्र बागड़ी—के नाम पर कंट्रोल की जा रही थीं।

इंटरनेशनल सट्टेबाजी नेटवर्क का खुलासा
ED के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक एप एक अंतरराष्ट्रीय सट्टेबाजी सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था। यह नेटवर्क Tiger Exchange, Gold365 और Laser247 जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित होता था।
पूरा सिस्टम फ्रेंचाइजी मॉडल पर आधारित था, जिसमें देशभर में “पैनल” और “ब्रांच” बनाकर नेटवर्क फैलाया गया था। इस नेटवर्क को दुबई से सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल द्वारा ऑपरेट किया जा रहा था।