
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से 287 KM और मयूरभंज जिला मुख्यालय से 82 KM दूर रायरंगपुर के महुलडीहा गांव में चहल-पहल है। करीब 6,000 की आबादी वाले इस गांव में हर किसी के चेहरे पर मुस्कान और गर्व साफ झलक रहा है। गांव के चारों तरफ सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त हैं। मंगलवार शाम तक सामान्य रहने वाले गांव का जोश अब देखते ही बनता है। इसका कारण हैं द्रौपदी मुर्मू। BJP नीत NDA ने जैसे ही उनको राष्ट्रपति का उम्मीदवार घोषित किया, बधाई देने वालों का तांता लग गया।
आयरन ओर (लौह अयस्क) के लिए मशहूर रायरंगपुर तहसील से 25 KM दूर बढ़ते ही एक पक्की सड़क मिलती है, जो सीधे महुलडीहा गांव पहुंचाती है। यहां पहुंचने के रास्ते में बीच-बीच में जंगल भी है। भास्कर टीम जैसे ही गांव में घुसी, चारों तरफ सुरक्षाकर्मी खड़े नजर आए। ग्रामीण भी उत्साहित होकर बाहर से आने वाले मीडियाकर्मियों और लोगों का गर्मजोशी से स्वागत करते दिखे। गांव में कुछ मकान कच्चे हैं, कुछ पक्के। यहां मूलभूत सुविधा की कोई कमी नहीं है। पूरा गांव डिजिटल सुविधाओं से लैस है।
जब हम द्रौपदी मुर्मू के घर की ओर बढ़े तो उनके घर से कुछ ही दूरी पर कुछ लोग खड़े मिले। जैसे ही उनसे बातचीत शुरू हुईं, उनकी आंखें खुशी से डबडबा गईं। मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए इन लोगों ने कई कहानियां सुनाईं।
द्रौपदी मुर्मू के झारखंड की राज्यपाल रहने के दौरान के किस्से सुनाते हुए कुछ लोगों ने बताया, ‘वह इतनी विनम्र और मिलनसार हैं कि पूछिए मत। रांची राजभवन में तो गांव के लोग राशन कार्ड बनवाने से लेकर जमीन का विवाद सुलझाने की गुहार लगाने पहुंच जाते थे। इसके बावजूद उन्होंने कभी हमें निराश नहीं किया। हर संभव मदद की। वह हमेशा अपने क्षेत्र के लोगों की हर छोटी-बड़ी मुश्किल में खड़ी रहीं।’
स्थानीय लोगों ने बताया, ‘उनका निजी जीवन परेशानियों से भरा रहा। पर इसका असर उन्होंने सार्वजनिक जीवन पर नहीं पड़ने दिया। पति और दो बेटों के आकस्मिक निधन का आघात झेलने के बाद भी उनके चेहरे पर मुस्कान बनी रही। उनके घर के दरवाजे हमेशा गरीब और आम आदमी के लिए खुले रहे। बीजद-भाजपा की सरकार में मंत्री रहते हुए एक तरफ उन्होंने अपने इलाके में पुल और सड़कें बनवाई, वहीं बच्चियों की सुविधा के लिए स्कूल भी खुलवाए। अपने गांव को डिजिटल गांव के रूप में विकसित कराया। साथ-साथ कई बार निजी तौर पर लोगों की आर्थिक मदद भी की।’









