अफनागिस्तान में तालिबानी सरकार बनाने की कवायद के बीच एक बड़ी खबर आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबानी सरकार की कमान मुल्ला बरादर को सौंपी जा सकती है। वहीं तालिबान के फाउंडर मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बास को भी तालिबानी सरकार में अहम पद दिए जाएंगे। ये सभी काबुल पहुंच चुके हैं जहां नई सरकार के ऐलान की तैयारियां आखिरी चरण में हैं।

बता दें मुल्ला बरादर तालिबान का दूसरे नंबर का नेता है और तालिबान के संस्थापकों में से एक है। तालिबान के 1996 से 2001 तक के शासन में मुल्ला बरादर ने अहम भूमिका निभाई थी।

 

पंजशीर में तालिबान का साथ दे रहा अलकायदा

अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी में तालिबान से जंग लड़ रही अहमद मसूद की रेजिस्टेंस फोर्स ने दावा किया है कि यहां आतंकी संगठन अलकायदा भी तालिबान के साथ शामिल हो चुका है। वहीं पंजशीर समर्थकों ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें दिख रहा है कि पहाड़ों से तालिबानियों पर जमकर गोलियां और रॉकेट दागे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस लड़ाई में 40 से ज्यादा तालिबानी मारे गए हैं, जबकि 19 तालिबानियों को पंजशीर की सेना (नॉर्दर्न अलायंस) ने गिरफ्तार कर लिया है।

तालिबान ने अफनागिस्तान में अपनी सरकार के ऐलान से पहले रंग दिखाना शुरू कर दिया है। भारत के साथ अच्छे रिश्ते रखने की बात करने वाले तालिबान के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने गुरुवार शाम एक इंटरव्यू में कहा है कि तालिबान को कश्मीर समेत पूरी दुनिया के मुसलमानों की आवाज उठाने का हक है। शाहीन ने कहा कि मुस्लिम हमारे अपने लोग हैं, हमारे नागरिक हैं और कानून के तहत उन्हें बराबरी का अधिकार है।