
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी बड़े मुद्दे पर फैसला लेने से पहले 2 से 3 बार बैठक करते हैं। वे विरोधी की बात भी धैर्य के साथ सुनते हैं। यह बात रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने संसद टीवी को इंटरव्यू देते हुए कही।
गृहमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के काम करने के अंदाज को काफी करीब से देखा है। किसी मसले पर जब कोई बैठक होती है तो मोदीजी कम बोलते हैं। उन्होंने मोदी जैसा अच्छा श्रोता नहीं देखा। उन्होंने कहा कि पीएम पर निरंकुश होने का जो आरोप विपक्ष लगाता है, वह निराधार है।
शाह ने कहा कि मोदी अच्छी सलाह देने वाले लोगों की बातों को प्राथमिकता देते हैं। इससे फर्क नहीं पड़ता कि सलाह देने वाला व्यक्ति कौन है। उनकी आलोचना करने वाले भी इस बात को मानते हैं कि इससे पहले किसी कैबिनेट ने इतने स्वतंत्र रूप से कभी काम नहीं किया।
अमित शाह ने कृषि सुधार कानूनों के मुद्दे पर भी पीएम मोदी का बचाव किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के बारे में चिंता करने जैसी कोई बात नहीं है। गृहमंत्री ने बिल को किसानों के लिए उठाया गया जरूरी कदम करार दिया है।








