
knn24news. छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा में 60 फीट बोरवेल में गिरकर घायल हुआ राहुल साहू अब धीरे-धीरे स्वस्थ्य हो रहा है। बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में भर्ती राहुल का VIDEO सामने आया है, जिसमें वह मोबाइल में गाने सुन रहा है और मुस्कुरा रहा है। मोबाइल में फोटो भी देख रह है। उसके इस VIDEO को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी ट्वीट किया है और छत्तीसगढ़िया अंदाज में कमेंट भी किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा है राहुल खेलत हे, हंसत हे, मुस्कुरावत, झुमत हे।
अस्पताल में पांच दिन से भर्ती राहुल साहू की तबीयत में अब काफी सुधार देखने को मिल रहा है। अब वह खुद के सहारे धीरे-धीरे बैठने लगा है। उसे सुबह न्यूट्रिशन और फल दिए जा रहे हैं। 60 फीट से अधिक गहराई में गिरने के कारण उसके शरीर कई जगह से छिल गए हैं, जिस पर मरहम पट्टी किया गया है। 10 जून को राहुल बोरवेल के लिए खोदे गए गड्ढे में 60 फीट की गहराई में गिर गया था। उसे 106 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 14 जून की रात को सुरक्षित उस गड्ढे से निकाला गया था। तब से राहुल अस्पताल में भर्ती है।
यहां की वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. इंदिरा मिश्रा ने बताया कि राहुल अब पहले से काफी ठीक है। उसे पहले की तरह बुखार नहीं आ रहा है। इससे यह माना जा सकता है कि उसके शरीर में संक्रमण भी धीरे-धीरे कम हो रहा है। अभी अब उसके फिजियोथैरेपी पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। हर दिन फिजियोथैरेपिस्ट उसे एक्सरसाइज करवा रहे हैं। यही वजह है कि राहुल अब बैठने लगा है। उसे अब पहले जैसे सहारे की जरूरत नहीं पड़ रही है।
संक्रमण देखने ब्लॅड की होगी जांच
डॉ. मिश्रा ने बताया कि राहुल के शरीर के भीतर ब्लॅड में संक्रमण की मात्रा कितनी है। कितना स्यूडोमोनास बैक्टीरिया बचा है। इसकी जांच के लिए फिर से ब्लॅड सेंपल लेकर जांच की जाएगी। इसके बाद उसके उपचार और डिस्चार्ज करने पर फैसला लिया जाएगा।
106 घंटे बोर में रहने के कारण हाथ-पैर में आ गया था अकड़न
गहरे बोर में पांच दिन तक फंसे राहुल का सफल रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद से उसका अपोलो अस्पताल में इलाज चल रहा है। दरअसल, पांच दिनों तक तीन से चार फीट चौड़े जगह पर रहने के कारण उसके हाथ-पैर में अकड़न आ गया था। इसके चलते उसका फिजियोथैरेपी चल रहा है।
राहुल साहू (10) का 10 जून की दोपहर 2 बजे के बाद से कुछ पता नहीं चला था। जब घर के ही कुछ लोग बाड़ी की तरफ गए तो राहुल के रोने की आवाज आ रही थी। गड्ढे के पास जाकर देखने पर पता चला कि आवाज अंदर से आ रही है। बोरवेल का गड्ढा 60 फीट गहरा था। ये भी बताया गया था कि बच्चा मूक-बधिर है, मानसिक रूप से काफी कमजोर है, जिसके कारण वह स्कूल भी नहीं जाता था। घर पर ही रहता था। पूरे गांव के लोग भी 4 दिनों तक उसी जगह पर टिके हुए थे, जहां पर बच्चा गिरा था। राहुल अपने मां-बाप का बड़ा बेटा है। एक भाई 2 साल छोटा है। पिता की गांव में बर्तन की दुकान है। राहुल को बचाने SDRF, NDRF, जिला प्रशासन और पुलिस की टीम ने दिन रात एक कर दिया था। आखिरकार 14 जून की देर रात उसे बाहर निकाल लिया गया था।









