
योगी 2.0 सरकार की शपथ पूरी हो गई है। योगी ने दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली। इसके बाद केशव मौर्य और बृजेश पाठक ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली। फिर 50 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। कुल 52 सदस्यीय मंत्रिमंडल में 16 कैबिनेट, 14 स्वतंत्र प्रभार और 20 राज्य मंत्री हैं। पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा, श्रीकांत शर्मा, सतीश महाना, मोहसिन रजा समेत पिछली सरकार के 20 मंत्रियों को इस सरकार में जगह नहीं मिली है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल स्टेडियम पहुंचे। पीएम के स्टेडियम पहुंचने के महज 2 मिनट के अंदर शपथ समारोह शुरू हुआ। कई विधायकों ने मंत्री पद की शपथ लेने के बाद भारत माता जय के नारे लगाए। मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा 18 मंत्री ओबीसी, 10 ठाकुर, 8 ब्राह्मण, 7 दलित, 3 जाट, 3 बनिया, 2 पंजाबी और एक मुस्लिम चेहरे शामिल हैं।
- योगी आदित्यनाथ- सीएम, लगातार दूसरी बार बने।
- केशव मौर्य- डिप्टी सीएम, दूसरी बार, सिराथू से चुनाव हार गए थे, ओबीसी का बड़ा चेहरा।
- बृजेश पाठक- डिप्टी सीएम, पिछली सरकार में कानून मंत्री थे, ब्राह्मण चेहरा, दिनेश शर्मा को रिप्लेस किया है।
- सुरेश कुमार खन्ना- कैबिनेट मंत्री- शाहजहांपुर से 9वीं बार विधायक बने हैं, पिछली कैबिनेट में वित्त मंत्री थे।
- सूर्य प्रताप शाही- पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पिछली सरकार में कृषि मंत्री थे।
- स्वतंत्र देव सिंह- प्रदेश अध्यक्ष, पिछली सरकार में भी मंत्री थे, संगठन और योगी के खास।
- बेबी रानी मौर्य- उत्तराखंड में राज्यपाल रह चुकी हैं। दलित चेहरा हैं।
- लक्ष्मी नारायण चौधरी- मथुरा से विधायक, जाट नेता, पहले बसपा में थे।
- जयवीर सिंह- मैनपुरी से जीतकर आए हैं। मैनपुरी सपा का गढ़ है।
- धर्मपाल सिंह- रुहेलखंड के आंवाला से विधायक हैं। पिछली सरकार में सिंचाई मंत्री थे।
- नंद गोपाल नंदी- प्रयागराज से विधायक हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे। बिजनेसमैन भी हैं। सबसे अमीर मंत्रियों में भी इनका नाम शुमार है।
- भूपेद्र चौधरी- बिजनौर से आते हैं, ये MLC हैं। पिछली सरकार में पंचायती राज मंत्री थे।
- अनिल राजभर- शिवपुर से विधायक हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे। पहले सपा सरकार में थे।
- जितिन प्रसाद- ब्राह्मण चेहरा, MLC हैं। एक साल पहले कांग्रेस से भाजपा में आए थे।
- राकेश सचान- कानपुर देहात जिले की भोगनीपुर सीट से विधायक हैं। पहली बार मंत्री बने हैं।
- अरविंद कुमार शर्मा- मोदी के खास ब्यूरोक्रेट्स में शुमार। आईएएस की नौकरी छोड़कर दो साल पहले राजनीति में आए थे। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं।
- योगेंद्र उपाध्याय- आगरा दक्षिणी से विधायक हैं। लगातार तीसरी बार चुनाव जीता है।
- आशीष पटेल- केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के पति हैं। अपना दल एस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। फिलहाल एमएलसी हैं।
- संजय निषाद- निषाद पार्टी के अध्यक्ष हैं। एमएलसी हैं। निषाद जातियों पर अच्छी पकड़ है।
- अब बात 12 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों की-
- असीम अरुण- पूर्व आइपीएस, कन्नौज से विधायक चुने गए हैं।
- धर्मवीर प्रजापति- एमएलसी हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे।
- नितिन अग्रवाल- एक साल पहले सपा से भाजपा में आए थे। सपा नेता राम नरेश अग्रवाल के बेटे हैं।
- कपिलदेव अग्रवाल- मुजफ्फरनगर से भाजपा विधायक हैं।
- संदीप सिंह लोधी- पिछली सरकार में भी मंत्री थे।
- रवीद्र जायसवाल- वाराणसी से विधायक हैं। पिछली सरकार में भी मंत्री थे।
- गुलाब देवी- भाजपा की वरिष्ठ नेता, चंदौसी से विधायक हैं।
- गिरीश चंद्र यादव – जौनपुर से विधायक हैं।
- जयंत राठौर- नया चेहरा, पहली बार विधायक बने हैं।
- दयाशंकर सिंह- बलिया से विधायक, पूर्व मंत्री स्वाति सिंह के पति हैं। पार्टी के उपाध्यक्ष हैं। मायावती पर विवादित बयान के बाद पार्टी से निष्कासित हो गए थे।
- दिनेश प्रताप सिंह– MLC हैं। सोनिया गांधी की संसदीय क्षेत्र रायबरेली से आते हैं।
- नरेंद्र कश्यप- भाजपा पिछड़ा मोर्चा के अध्यक्ष हैं।
- दया शंकर दयालु- कुछ समय पहले कांग्रेस से भाजपा में आए थे।
- अरुण कुमार सक्सेना- बरेली से विधायक हैं। पेशे से डॉक्टर हैं।







