रायपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शुक्रवार को रायपुर पहुंच गए। रायपुर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के मंत्रियों और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर हैं, जिसे राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने प्रवास के दौरान अमित शाह राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकों में हिस्सा लेंगे। जानकारी के अनुसार, रायपुर के होटल मेफेयर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है, जिसमें नक्सलवाद, आंतरिक सुरक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा की जाएगी।
8 फरवरी को LWE पर सुरक्षा समीक्षा बैठक
8 फरवरी को केंद्रीय गृह मंत्री रायपुर में वामपंथी उग्रवाद (LWE) पर सुरक्षा समीक्षा बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की वर्तमान सुरक्षा स्थिति, रणनीति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया जाएगा। इसी दिन अमित शाह ‘छत्तीसगढ़ @ 25 : शिफ्टिंग द लेंस’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव कार्यक्रम में भी भाग लेंगे।
9 फरवरी को बस्तर दौरा, बस्तर पंडूम महोत्सव का समापन
9 फरवरी को अमित शाह बस्तर दौरे पर जाएंगे। वे बस्तर पंडूम महोत्सव 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर कार्यक्रम का समापन करेंगे। इस अवसर पर वे बस्तर की संस्कृति, परंपरा और विकास से जुड़े कार्यक्रमों में सहभागिता करेंगे।
जानिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
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7 फरवरी: शाम 4:40 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे, एयरपोर्ट से सीधे निजी होटल के लिए रवाना।
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8 फरवरी: सुबह 11 बजे से बैठकों का दौर शुरू, शाम 5 बजे तक नक्सलवाद पर हाई लेवल मीटिंग। केंद्र और राज्य के अधिकारियों के साथ LWE व विभागीय समीक्षा बैठक। शाम 5 बजे से 6:10 बजे तक निजी कार्यक्रम में शामिल होंगे। रात्रि विश्राम रायपुर में।
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9 फरवरी: सुबह 11 बजे विशेष विमान से रायपुर से दंतेश्वरी एयरपोर्ट रवाना। सड़क मार्ग से बस्तर पंडूम कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। दोपहर 12:05 से शाम 4 बजे तक समापन कार्यक्रम में शामिल होंगे। शाम 4:20 बजे जगदलपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस दौरे से छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।









