नई दिल्ली/केरल। देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शुमार UPSC सिविल सेवा परीक्षा को पास करना हर साल लाखों युवाओं का सपना होता है। लेकिन इस सपने को हकीकत में बदल पाना बेहद कम लोगों के हिस्से आता है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है केरल के श्रीनाथ के. की, जिन्होंने गरीबी और संघर्ष के बावजूद अपने दम पर IAS अधिकारी बनने का सपना साकार किया।
एर्नाकुलम स्टेशन पर कुली का काम, रोज कमाते थे 400-500 रुपये
केरल के मन्नार क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले श्रीनाथ का बचपन बेहद अभावों में बीता। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्होंने कम उम्र में ही जिम्मेदारी उठा ली।
श्रीनाथ एर्नाकुलम रेलवे स्टेशन पर कुली (पोर्टर) का काम करने लगे, जहां दिनभर यात्रियों का भारी सामान ढोकर वह मुश्किल से 400 से 500 रुपये प्रतिदिन कमा पाते थे।
फ्री Wi-Fi बना सफलता का हथियार
पैसों की कमी के चलते श्रीनाथ महंगी किताबें या कोचिंग नहीं कर पाए। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध फ्री Wi-Fi को उन्होंने अपनी पढ़ाई का जरिया बना लिया।
- मोबाइल से ऑनलाइन स्टडी मटेरियल पढ़ा
- यूट्यूब लेक्चर और मॉक टेस्ट दिए
- काम करते-करते भी ईयरफोन लगाकर पढ़ाई जारी रखी








