knn24news/ वैसे तो जिले भर में महिलाएं शराब का विरोध करती हैं। इसके लिए भारत माता वाहिनी का भी गठन किया गया है, लेकिन प्रबल इच्छा शक्ति से सफलता प्राप्त करने की उदाहरण हैं ग्राम कापन की महिलाएं। उन्होंने पिछले साल अपने गांव में शराब भट्ठी खुलने का तगड़ा विरोध किया। उनके विरोध की सबसे बड़ी ताकत वे खुद थीं ।
अपने आंदोलन में उन्होंने किसी पुरुष को, किसी राजनीतिक दल को या किसी बड़े नाम को शामिल नहीं किया। गांव में शराब दुकान बंद कराने के लिए महिलाओं ने ही कमर कसी। व्रत, उपवास भी खुलने वाली भट्ठी के सामने ही किया। वट सावित्री की पूजा उसी स्थान पर करके अपने अपने पति की लंबी उम्र की कामना की। आखिरकार साल भर तो वहां दुकान खुली ही नहीं। महिलाओं के विरोध को देखते हुए इस वर्ष सरकार ने ही वहां दुकान नहीं खोलने का निर्णय लिया है। जिले में पिछले साल देसी, विदेशी 64 शराब दुकानें प्रस्तावित थीं, जिसमें से 63 दुकानें तो सरकार लोगों के विरोध के बाद भी खोलने में कामयाब हो गईं, लेकिन अकलतरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत कापन में महिलाओं ने शराब दुकान खोलने के विरोध में 4 मई से ही मोर्चा खोल दिया और दुकान के सामने ही जाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
यह विरोध कोई एक दिन का नहीं था, बल्कि महिलाओं ने इसे अपने गांव के युवाओं की सेहत व अपनी प्रतिष्ठा का सवाल भी बना लिया। रोज ही बारी बारी से महिलाएं अलसुबह दुकान के सामने बड़ी संख्या में पहुंच जातीं और दुकान खुलने ही नहीं देतीं थी। बारिश, धूप में भी उनका मनोबल कमजोर नहीं हुआ, सुबह से शाम तक वे प्रदर्शन करतीं और अपने घर लौट जाती थीं।
यह क्रम लगातार 6 जुलाई यानि 2 माह दो दिनों तक तक चला। जिसका परिणाम यह हुआ कि पिछले साल एक भी दिन वहां की शराब दुकान नहीं खुली। विरोध के कारण इस वर्ष सरकार ने वहां की दुकान ही बंद कर दी।










