Friday, July 24, 2026

श्रीलंका में आपातकाल:आर्थिक संकट के विरोध में हिंसा भड़की; सरकार को समर्थन दे रही 11 पार्टियां बोलीं- देश में तुरंत अंतरिम सरकार जरूरी

श्रीलंका में गहराती आर्थिक समस्या को लेकर लोग सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच यहां के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने शुक्रवार को आपातकाल का ऐलान कर दिया। आदेश में कहा गया है कि देश की सुरक्षा और आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के रखरखाव के लिए ये फैसला लिया गया है।

राष्ट्रपति के इस फैसले के बाद सेना संदिग्धों को बिना किसी मुकदमे के गिरफ्तार कर सकती है और लंबे समय तक हिरासत में रख सकती है। राजपक्षे की सरकार को समर्थन दे रही 11 पार्टियों ने कैबिनेट भंग कर अंतरिम सरकार के गठन की मांग की है। इनका कहना है कि हालिया कैबिनेट बढ़ती महंगाई पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुई है।

भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
भारत ने श्रीलंका को 1 बिलियन डॉलर की क्रेडिट लाइन दी है। इसके तहत 40,000 टन डीजल ले जाने वाला एक जहाज श्रीलंका पहुंच गया है। ईंधन आज शाम पूरे देश में बांटा जाएगा।

इससे पहले गुरुवार देर रात हजारों लोगों ने राष्‍ट्रपति राजपक्षे के निवास के बाहर विरोध-प्रदर्शन और पथराव किया। जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इस हिंसक टकराव में कम से कम 5 पुलिसकर्मियों समेत 10 लोग घायल हुए। हिंसा के आरोप में 45 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।