Saturday, April 11, 2026

सीएए-विरोधी प्रदर्शन : सार्वजनिक सम्पत्तियों को क्षति पहुंचाने को लेकर 500 से अधिक मामले दर्ज-पुलिस

नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस ने बुधवार को उच्च न्यायालय को अवगत कराया कि उसने 2019 और 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरुद्ध हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्तियों को क्षति पहुंचाने के सिलसिले में 500 से अधिक मामले दर्ज किये हैं।

पुलिस ने एक हलफनामे में कहा है कि दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने इसी अदालत के पूर्व न्यायाधीश सुनील गौर को ‘दावा आयुक्त’ नियुक्त किया है, ताकि सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई क्षति की जांच की जा सके और तदुपरांत मुआवजा निर्धारित किया जा सके।

मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने हलफनामा रिकॉर्ड पर नहीं लाये जाने के कारण मामले की सुनवाई 21 जनवरी, 2023 तक के लिए स्थगित कर दी।

उच्च न्यायालय एक वकील और एक विधि छात्र की उस जनहित याचिका की सुनवाई कर रहा था, जिसमें अधिकारियों को 2019 और 2020 में सीएए के विरुद्ध हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी सम्पत्तियों को क्षति पहुंचाने में शामिल लोगों की पहचान करने और उनसे क्षतिपूर्ति राशि वसूलने के दिशानिर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

विशेष लोक अभियोजक रजत नायर के जरिये दाखिल हलफनामे में कहा गया है, ‘‘जब कभी प्रदर्शनकारियों ने कानून अपने हाथ में लेने का प्रयास किया और वे कानून लागू करने वाली एजेंसियों के विधि-सम्मत दिशानिर्देश मानने में विफल रहे, तब दंगाइयों/असामाजिक तत्वों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई होती रही है।’’