Monday, April 27, 2026

19 एकड़ निजी कॉलोनी को नगर निगम ने किया राजसात, 80 प्लाटों की बिक्री अब करेगा निगम

बिलासपुर। शहर में पहली बार नगर निगम ने 19 एकड़ प्राइवेट कॉलोनी को पूरी तरह राजसात कर लिया है। छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1956 की संशोधित धारा 292(ग), 292-च और 296-छ के तहत निजी कॉलोनी को अधिग्रहित करने का यह प्रदेश का पहला मामला है। बिलासपुर नगर निगम आयुक्त अमित कुमार ने कॉलोनी को निगम के नाम करने के लिए बिलासपुर एसडीएम को पत्र भेज दिया है।

कॉलोनी का विवाद 2003 से चल रहा था

यह कॉलोनी तिफरा सेक्टर-डी, रायपुर–बिलासपुर रोड पर स्थित जायसवाल बिल्डर की जायसवाल कॉलोनी है, जिसे वर्ष 2003 में विकसित किया गया था। कॉलोनी संयुक्त भूमि पर बनाई गई थी, लेकिन एक साझेदार ने प्लॉट बिक्री की मंजूरी देने से इनकार कर दिया और एसडीएम की अनुमति को चुनौती देते हुए एडिशनल कलेक्टर कोर्ट में अपील की।

इसके बाद—

  • एडिशनल कलेक्टर कोर्ट ने अनुमति रद्द की

  • संभागायुक्त कोर्ट ने भी अपील खारिज की

  • बाद में पंचायत सचिव के पास अपील, लेकिन वहां भी मामला हार गया

2019 में क्षेत्र नगर निगम सीमा में आया

2019 में क्षेत्र नगर निगम में शामिल हुआ। औद्योगिक क्षेत्र बनने के बाद औद्योगिक विकास निगम ने कॉलोनी के बीच से सड़क बनाने की योजना बनाई। मुआवजा विवाद बढ़ने पर मामला जिला प्रशासन और नगर निगम के संज्ञान में आया।

जांच में पाया गया कि कॉलोनाइज़र ने नियमों का गंभीर उल्लंघन किया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आयुक्त अमित कुमार की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई। समिति ने विस्तृत जांच के बाद कॉलोनी को राजसात करने की अनुशंसा की।

दावा–आपत्तियों के निराकरण के बाद 19.35 एकड़ भूमि राजसात

नगर निगम ने तीन बार आम सूचना जारी की—

  • 4 सितंबर 2025 – 30 दावा–आपत्तियाँ

  • 19 सितंबर 2025 – 21 दावा–आपत्तियाँ

  • 14 अक्टूबर 2025 – 12 दावा–आपत्तियाँ

सभी की व्यक्तिगत सुनवाई के बाद समिति ने संबंधित 19.35 एकड़ भूमि को अवैध कॉलोनी निर्माण की श्रेणी में रखते हुए निगम को प्रबंधन और अधिग्रहण का अधिकार देने की सिफारिश की।