रायपुर। अग्रवाल और सिंधी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से आंशिक राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी, लेकिन 3 महीने की अंतरिम जमानत प्रदान की है।
बघेल को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था। उनके वकील हर्षवर्धन परगनिया के अनुसार, उन्हें 3 महीने के लिए अंतरिम बेल मिली है, जबकि आपत्तिकर्ता पक्ष के वकील सुनील ओटवानी ने बताया कि हाईकोर्ट ने नियमित जमानत को खारिज करते हुए केवल अस्थायी राहत दी है।
मामला रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा टूटने के बाद दिए गए बयान से जुड़ा है, जिसमें अमित बघेल ने अग्रवाल और सिंधी समाज को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस मामले में उनके खिलाफ रायपुर समेत विभिन्न स्थानों पर कुल 14 एफआईआर दर्ज की गई थीं।
हाईकोर्ट ने जमानत देते हुए शर्त रखी है कि अमित बघेल अगले 3 महीने तक रायपुर जिले की सीमा में निवास नहीं करेंगे। हालांकि, कोर्ट में पेशी के लिए उन्हें निर्धारित तिथियों पर रायपुर आने की अनुमति रहेगी।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह निर्णय सुनाया। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने पैरवी की।









