Friday, July 10, 2026

3 साल बाद EOW के सामने पेश हुए पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, कोल लेवी समेत कई घोटालों में पूछताछ तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल लेवी, शराब और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़े मामलों में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल ने करीब तीन साल बाद बुधवार को रायपुर स्थित आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। इसके बाद EOW ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी को कोल लेवी घोटाले की विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी की जब्त डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये के लेन-देन की एंट्री मिली थी। EOW का दावा है कि यह राशि रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से कांग्रेस भवन तक पहुंचाई गई थी।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम कहां से आई, किन लोगों ने पहुंचाई, किसने इसे प्राप्त किया और आखिर इसका उपयोग किस उद्देश्य के लिए किया गया। इन सभी पहलुओं को लेकर रामगोपाल अग्रवाल से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

इससे पहले EOW उनके बेटे वैभव अग्रवाल से भी लगातार दो दिनों तक पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ाई जा रही है।

EOW का आरोप है कि शराब घोटाला मामले में अनवर ढेबर और उसके सहयोगियों द्वारा करोड़ों रुपये रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से कांग्रेस भवन तक पहुंचाए गए। वहीं कस्टम मिलिंग घोटाले में भी कारोबारी रोशन चंद्राकर द्वारा बड़ी रकम इसी माध्यम से पहुंचाने का दावा किया गया है।

फिलहाल EOW रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका, संबंधित व्यक्तियों से उनके संपर्क, वित्तीय लेन-देन, धन के स्रोत, प्राप्ति और उपयोग से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। एजेंसी का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हालांकि, इन आरोपों पर रामगोपाल अग्रवाल या प्रदेश कांग्रेस की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।