नेटवर्क patrika.com
कोरबा. कोयला उत्पादन के लक्ष्य को हासिल करने का दबाव मजदूरों पर भारी पड़ रहा है। समय पर ढंग से न तो मशीनों की मरम्मत हो पा रही है और न ही नई मशीनों की खरीदी कंडम मशीनों को सुधारकर काम लिया जा रहा है। कई बार इन मशीनों की चपेट में आने से गंभीर हादसे हो रहे हैं। इसकी कीमत मजदूरों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
कोरबा जिले में स्थित एसईसीएल की कोयला खदानों में जुलाई से अभी तक चार दुर्घटनाएं हुई हैं। इसमें चार मजदूरों की मौत हुई है। दुर्घटना का कारण जानने के लिए खान सुरक्षा निदेशालय क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर की टीम जांच











