Thursday, March 19, 2026

6 साल की उम्र में चेचक ने छीन ली दोनों आंखें, दृष्टिहीन होकर भी सवार रहे बच्चों का भविष्य, दे रहे निशुल्क शिक्षा

बिलासपुर के मुरितराम कश्यप शिक्षा की अलख जगाने आसपास के बच्चों को फ्री में ट्यूशन दे रहे हैं। जिससे गरीब और लाचार बच्चे पढ़ाई से वंचित न रह जाएं और वे अपने शहर, प्रदेश और देश का नाम रोशन कर सकें। मुरितराम दृष्टिहीन हैं, उनकी दोनों आंखों की रोशनी चेचक की वजह से 6 साल की उम्र में ही चली गई थी। इसके बावजूद उनके बच्चों को पढ़ाने का जज्बा कम नहीं हुआ है।

मुरितराम कश्यप(63) बिलासपुर के सिरगिट्टी क्षेत्र के रहने वाले हैं। मुरितराम रेलवे के रिटायर कर्मचारी हैं। सर्विस के दौरान ही उन्होंने शिक्षा को जन-जन तक पहुंचाने की मन में ठान लिया था। यही कारण है कि जब भी मौका मिला वे शिक्षा का दान करने से हिचके नहीं। उन्होंने बताया कि 6 साल की उम्र में ही उन्हें चेचक हुआ था। चेचक की वजह से ही उनकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई थी। तब वे जांजगीर जिले के मलदा गांव में अपने माता-पिता के साथ रहते थे। पारिवारिक जिम्मेदारी के कारण मैट्रिक से आगे पढ़ नहीं पाए। मुरितराम में पढ़ाई करने की बचपन से ही ललक थी। इस कारण वे बिलासपुर के जूनी लाइन स्थित शासकीय ब्रेल स्कूल में आकर पढ़ाई करने लगे। वहीं हॉस्टल में रहते-रहते उन्होंने चेयर केनिन का काम भी सीख लिया था।