Sunday, March 15, 2026

8 वर्षीय कोरोना संक्रमित पुत्र को छोड़ कर शिक्षिका को जाना पड़ रहा डयूटी

शिक्षिका

knn24news/ कहते हैं मां की ममता में बड़ी ताकत होती है। मां अपने बच्चों के लालन पालन में जीतोड़ मेहनत करती है। हर मां अपने बच्चों को उज्जवल भविष्य देने की भरपूर कोशिश करती है। मां के बारे में और भी बहुत कुछ लिखा गया है। लेकिन अगर एक तुकलकी फरमान के कारण किसी मां को अपने बीमार बेटे को छोड़कर डयूटी में जाना पड़े तो इस स्थिति में उस की हालत क्या होगी, सोचकर ही रूह कांप जाती है। लेकिन घटना बिल्कुल सही है। कोरबा जिले में जिला शिक्षाधिकारी के आदेश के परिपालन में ऐसे ही समस्या से एक मां को गुजरना पड़ रहा है। कोरबा जिले के लाटा के स्कूल में पदस्थ शिक्षिका को ऐसी विषम परिस्थिती में काम करना पड़ा है। मिली जानकारी के अनुसार शिक्षिका का आठ वर्षीय पुत्र कोरोना से पीड़ित है। लेकिन मिले दिशा निर्देश के कारण शिक्षिका को कोरोना से संक्रमितक पुत्र को छोड़कर काम करना पड़ रहा है। शिक्षका द्वारा स्कूल के प्राचार्य से लेकिर संबंधित अधिकारियों को मामले से अवगत कराया गया। लेकिन शिक्षका की मदद किसी ने नहीं की। हालांकि महिला को काम करने के लिए पृथक कमरे की व्यवस्था की गई है। लेकिन जानकारी के आभाव में टीकाकरण केन्द्र पहुंच रहे लोग भी उनके संपर्क में आ रहे है। इस बीच कोई कोरोना पाॅजिटिव हुआ तो हैरानी की बात नहीं होगी।

न्यूज़ प्रिपेयर्ड बाय: नरेंद्र वाकडे