Friday, April 3, 2026

कोरबा में भ्रष्टाचार चरम पर,भ्रष्टाचार की जांच कराने कांप रहे हाथ, रजगामार पंचायत का मामला

कोरबा। रजगामार पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने प्रशासन के हाथ कांप रहे है। सरकारी खजाने की हुई लूट की जांच के लिए शिकायत के बाद भी जांच दल गठित नही हो सकी है।

छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व गृहमंत्री व रामपुर विधायक भाजपा के कद्दावर वरिष्ठ आदिवासी नेता ननकीराम कंवर ने जिला पंचायत कोरबा कुन्दन कुमार को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत रजगामार मे निर्माण के नाम से बिना निर्माण किए तत्कालीन सचिव के द्वारा बिना सरपंच के सहमती से डीएससी के माध्यम से करोडो रुपए का बंदर बांट करने की शिकायत किए थे। जिसके संबंध में ननकीराम कंवर ने मांग किया था कि जांच दल गठित कर रजगामार पंचायत का दो वर्षों में कीये गये कार्यों का जांच कराया जाए। लेकिन पत्र लिखने के 15 दिन बाद भी जिला पंचायत कोरबा मुख्य कार्यपालन अधिकारी कुंदन कुमार के द्वारा जांच दल गठित नहीं किया जाना प्रशासन के उदासीन रवैया भ्रष्टाचार के साथ मिली भगत होना लगता है ।तत्कालीन सचिव कौशल सोनवानी का स्थानांतरण आदेश जारी करने के बाद भी जिला पंचायत सीईओ के आदेश का अवमानना करते हुए पदभार नागेंद्र दीवान सचिव को नहीं सौंपा गया है। अपने बचाव के लिए रिकॉर्ड में हेराफेरी वह दुरुस्ती करने का कार्य तेजी से चल रहा है ।

उसके बाद भी सचिव कौशल सोनवानी पर प्रशासन मेहरबान क्यों समझ से परे है ऐसे में ननकीराम कंवर हमेशा से भ्रष्टाचार के विरुद्ध प्रखर रहने वाले इमानदार नेता के रुप में गिने जाते हैं । भ्रष्टाचार को सह देने वाले प्रशासन के अधिकारी आए दिन उनके आड़े हाथ आते हैं। इस बार देखना यह है कि इस मामले मे क्या मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा कुंदन कुमार को ननकीराम कंवर आडे हाथ लेकर उनके विरुद्ध कोई बडी कार्यवाही कराते है या किस अधिकारी कर्मचारी पर गाज गिरेगी सबकी नजर इस बार रजगामार मे हुये करोडो रुपये के आथिर्क घोटालो के जांच पर टीका है ।