कोरबा:- छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिभा कोरबा जिला के मुख्य चौक आईटीआई चौक में स्थापित किये लेकिन बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि उस मूर्ति को जिला प्रशासन द्वारा बढ़ेही बेदर्दी से खंडित कर दिया गया और संगठन के ऊपर यह आरोप लगाया गया है कि वह बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर रही है परंतु आपको बताना चाहेंगे कि जनपद पंचायत के सीईओ मिश्रा द्वारा अपने निजी खर्च से वहां बाउंड्री वाल का निर्माण कराया जा रहा था
परंतु हमारे द्वारा ससम्मान व विधि विधान से किए गए मूर्ति को जिला प्रशासन द्वारा व नगर निगम द्वारा खंडित कर ढाई करोड़ छत्तीसगढ़िया लोगों के भावनाओं को ठेस पहुंचाया है जिसका छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना जोरदार विरोध करती है और कल दिनांक 22 नवंबर 2021 को नगर निगम घेराव के लिए आह्वान किया जा रहा है जिस तरह से कोरबा नगर निगम क्षेत्र में बेशकीमती जमीनों पर अवैध कब्जा हो रहा है और जिसकी शिकायत लगातार हमारे द्वारा की जा रही है और हमारे द्वारा लगातार शिकायत दी जा रही है परंतु आज जिला प्रशासन के जनसंपर्क द्वारा एक संदेश वायरल किया जा रहा है
जिसमें बेशकीमती जमीन पर कब्जा का आरोप लगाया जा रहा है लेकिन यह कभी क्यों नहीं कहा जाता है कि उक्त जमीन पर कृषि विभाग का स्वामित्व था जिसे जनपद पंचायत के मिश्रा द्वारा जबरन तोड़ दिया गया नियम विरुद्ध पद का दुरुपयोग करते हुए और सभी जिला प्रशासन के अधिकारी और पदाधिकारी उसको बचाने में लगे हैं लेकिन छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का स्थापना नहीं हो जाता तब तक हम चुप बैठने वाले नहीं हैं ।
जिस प्रकार पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने हिन्दुओ के आस्था के आधार पर भगवान बजरंगबली जी की मूर्ति (मंदिर) स्थापित है अगर उसी प्रकार जनपद कार्यालय के सामने 4/4 के जघा में करोड़ो छत्तीसगढ़ियों के सम्मान का प्रतीक छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति के स्थापना से आखिर किसको तकलीफ है और क्यों ये बात छत्तीसगढ़ राज्य के करोड़ो छत्तीसगढ़िया अब समझने लगे है । छत्तीसगढ़ियों का स्वाभिमान जाग न जाये इसलिए पर प्रांतियो और परदेसियवादी सोच रखने वालों को आखिर कैसे हजम होगा । बहर हाल देखना बांकी है कि निगम और जिला प्रशाशन द्वारा जिले के बेसकीमती सैकड़ो एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कब तक हटाता है, इसके लिए छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना सोने का नाटक करने वाले प्रसाशनिक अमले के आंखों में निरंतर पानी का छिड़काव करते रहेगी ।











