
ऊपर दिखाई दे रही तस्वीर कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे में लापरवाही की बानगी भर है। यह फोटो छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले की है। जहां बच्चे तो मास्क लगाए हुए हैं, लेकिन विधायक और अफसर मुंह में लटकाए हुए हैं। खास बात यह है कि कोरोना की तीसरी लहर का कहर जारी है और इससे प्रभावित होने वाली बड़ी संख्या बच्चों की है। बावजूद इसके नेता और अफसर ही बच्चों के लिए लापरवाह बने हुए हैं
दरअसल, जिले के नवागांव स्थित कन्या हाई स्कूल में मंगलवार को ‘कहानियों का पिटारा’ लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। इसके साथ ही जिला स्तरीय किताब दान अभियान का समापन भी हुआ। इस कार्यक्रम में अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य अर्चना पोर्ते, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के सदस्य उत्तम वासुदेव, मरवाही विधायक डॉ. केके ध्रुव और जनपद पंचायत पेंड्रा के उपाध्यक्ष जीवन सिंह राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
इस दौरान वहां मौजूद बच्चों को किताबें दी गईं। इसके बाद सभी बच्चे नीचे दरी पर बैठ गए। उनके साथ विधायक डॉ. केके ध्रुव भी बैठे। उन्होंने बच्चों से किताब पढ़वाई। अफसर भी बच्चों को किताबें देते रहे। सब वहीं घेरकर खड़े थे, लेकिन मास्क नाक और मुंह की जगह ठोढ़ी पर अटके हुए थे। हद तो तब हो गई, जब फोटो खिंचवाने के लिए नेताओं और अफसरों ने अपना मास्क ही उतार दिया। जबकि विधायक डॉ. ध्रुव खुद पेशे से डॉक्टर हैं।
कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने 5 जनवरी को एक आदेश जारी कर धारा-144 लगाई है। इसके साथ ही सामाजिक-धार्मिक, खेलकूद आयोजन, रैली, पर्यटन स्थल पर भीड़ पर रोक लगाई है। यहां तक कि सभी विभागों को भी बैठक न करने और जरूरी होने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए कहा गया है। प्रत्येक व्यक्ति को सार्वजनिक स्थलों में निकलते समय मास्क, फेस कवर, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन अनिवार्य के निर्देश हैं।









