Wednesday, September 30, 2026

राजनीतिक केस वापसी में भी ‘राजनीति’:2500 से अधिक नेता-कार्यकर्ता अपराधी बने, पर 272 में से सिर्फ 11 केस वापसी का फैसला; बड़े नेता भी दरकिनार

बिलासपुर में कांग्रेस की सरकार आने के तीन साल बाद भी राजनीतिक लड़ाई लड़ने वाले नेताओं के केस की वापसी नहीं हो पाई है। इसमें अब प्रशासनिक अफसर पॉलिटिक्स कर रहे हैं। यही वजह है कि 272 केस में से सिर्फ 11 केस को वापसी के लिए फाइनल किया गया है। इसके लिए भी कांग्रेस की गुटबाजी को कारण माना जा रहा है। हालांकि, नेता इस मसले पर अभी कुछ भी कमेंट करने से बच रहे हैं।

प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के साथ ही 15 साल से विपक्ष में रहते कांग्रेसियों के केस वापस लेने का ऐलान किया गया था। इसके बाद प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने राजनैतिक प्रकरण वापसी के लिए सभी जिलों से आवेदन मंगाए थे। इनमें बिलासपुर जिले के सभी थानों से भी राजनैतिक मामले के ऐसे प्रकरण भेजे गए थे, जिनमें नेता और पदाधिकारियों के खिलाफ FIR हुई थी। कांग्रेस के साथ ही भाजपा और अन्य पार्टियों की ओर से आवेदन भेजे गए थे। 272 केस में करीब 2500 से अधिक लोगों के नाम आरोपियों के रूप में शामिल हैं।