
भारतीय परंपरा में लोगों को पानी पिलाना बहुत ही पुण्य माना जाता है वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री लोगों के घर घर-घर पानी पहुंचाने के लिए प्रयास सील है जिसके हेतु बहुत सी योजनाएं का क्रियान्वयन किया जा रहा है वहीं कुछ लोगस्वार्थ सिद्धि एवं जमीन कब्जा करने के उद्देश्य सेलोगों के हित को भी नजरअंदाज कर रहे हैं तत्कालीन मामला पसान का है
जहां शासन के पैसे से निर्मित शासकीय सार्वजनिक कुआ का निर्माण किया गया जिसका उद्देश्य लोगों को होने वाली पेयजल संकट से मुक्ति दिलाना था ।सालों से बने पुराने सार्वजनिक कुआं को जो एकमात्र लोगों के पानी पीने का साधन था जिसको आंनद मित्तल नादिया पिता जयकरण दास द्वारा कब्जा कर अहाता निर्माण करसामने दुकान बना कर लोगों को पेयजल से वंचित कर दिया
*ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार* बाजार मोहल्ले का एकमात्र कुआं जो लोगों के पानी पीने का एकमात्र सहारा था जिस पर कब्जा करकेआनंद मित्तल द्वारा अपने अवैध संचालित राखड़ कारखाने में पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है
जो कारखाना लोगों के स्वास्थ्य
को खराब करने के लिए बीच बस्ती में लगाया गया है गर्मी के दिन मेंजहां लोगों को बहुत ही पानी के लिए तकलीफों का सामना करना पड़ रहा हैवही समस्त ग्रामीणों ने कलेक्टर से आवेदन देकर मांग करी है कि सरकारी पैसे से निर्मित शासकीय कुआं को आनंद मित्तल नदिया सेे मुक्त कराकर ग्रामीणों में एवं बाजार आने वाले समस्त बाजार वासियों के लिए पेयजल की व्यवस्था करी जाए
साथ ही पेयजल का जो इस्तेमाल अवैध कारखाने में किया जा रहा है उस अवैधसंचालित कारखाने को भी जल्द से जल्द बंद करने की मांग की है










