हसौद, भाई के बेटे के हिस्से की जमीन को उसका दादा खरीदना चाह रहा था। कुछ जमीन उसने टुकड़ों में खरीद ली थी। इसके बाद वह और जमीन खरीदना चाह रहा था। लेकिन उसकी भाई बहू अपने बेटे को जमीन बेचने से मना कर रही थी। इसलिए आरोपी फिरुराम साहू ने अपने भाई की पत्नी दुकलहीन बाई की हत्या कर दी थी।
पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपी फिरुराम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।चिस्दा की महिला दुकलहिन बाई साहू का जमीन संबंधी बात को लेकर जेठ फिरूराम साहू से विवाद होता रहता था। इससे फिरुराम परेशान था। 10 मई की रात महिला घर के आंगन में सोई थी तो फिरुराम ने उसे मारने का प्लान बनाया और र पर वार कर उसकी हत्या कर थी और दूसरे दिन खुद पत्नी के साथ थाना पहुंचकर भाई बहू की हत्या की सूचना थाने में दी।
संदेहास्पद थी घटना
आरोपी फिरूराम साहू 9 मई की रात लगभग 11 बजे घर लौटा तो देखा कि उसकी भाई बहू दुकलहीन को घर के आंगन में खाट बिछाकर सोए हुए देखा तो उसे उसकी हत्या करने की योजना बाई। वह वारदात की रात टेसी लेकर आया और 7 फीट की दीवार फांदकर घर के अंदर घुसकर उसे दुकलहिन बाई के सिर पर प्रहार कर उसकी हत्या कर दी। फिर वह वापस अपने घर आया और बाथरूम में टेसी को धोकर छज्जे में छिपाकर बिना किसी को बताए अपने कमरे में जाकर सो गया।
जमीन थी हत्या करने की प्रमुख वजह
पुलिस के अनुसार दुकलहीन का बेटा बजरंगी साहू ने अपने हिस्से का उबरा खार की जमीन 7 डिसमिल को 70 हजार और भरी खार की 6 डिसमिल को 35 हजार रुपए में फिरूराम साहू के पास बेचा था।
इसके बाद वह बजरंगी साहू से उनके हिस्से में आई नहर खार के 10 डिसमिल जमीन को खरीदना चाहता था, लेकिन दुकलहीन साहू ने जमीन को उसे बेचने से अपने बेटे को मना कर दिया। उसी जमीन को फिरुराम के बड़े भाई के बेटे सीताराम को बेच दी।











