
महाराष्ट्र का सियासी घमासान एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शिंदे सरकार के विश्वास मत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना की याचिका पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यह मामला हम 11 जुलाई को ही सुनेंगे। कोर्ट की टिप्पणी के बाद वकील कपिल सिब्बल भड़क गए और कहा- डेमोक्रेसी का डांस नहीं चल रहा, जिस पर कोर्ट ने कहा कि हम आंख खोलकर बैठे हुए हैं।
शिवसेना ने की थी विश्वासमत रोकने की मांग
शिवसेना के चीफ व्हिप सुनील प्रभु ने याचिका दाखिल करते हुए कहा- शिवसेना के जिन 16 बागियों को डिप्टी स्पीकर ने निलंबित कर दिया था उनकी सदस्यता रद्द कर दी जाए। इसके साथ इस मामले पर फैसला न आने तक विश्वासमत रोका जाए।
शिंदे ने पलटा उद्धव सरकार का फैसला
इधर, एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनते ही आरे कॉलोनी को लेकर उद्धव सरकार का फैसला पलट दिया है। नए मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण के तुंरत बाद राज्य सरकार ने सॉलिसिटर जनरल को निर्देश दिया है कि मेट्रो कार शेड मुंबई की आरे कॉलोनी में ही बनाया जाए।
1. 3 और 4 जुलाई को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। शिदें सरकार इस दौरान अपना बहुमत साबित करेगी।
2. विधानसभा के विशेष सत्र में सरकार के बहुमत परीक्षण के बाद BJP को स्पीकर का पद मिल सकता है।
3. महाराष्ट्र भाजपा विधायक आज शाम को विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव पर चर्चा करने के लिए बैठक करेंगे।
शिंदे और फडणवीस का अंक ‘चार’ से खास रिश्ता
एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के नए मुख्यमंत्री बनाए गए हैं, तो पूर्व CM देवेंद्र फडणवीस को डिप्टी CM का पद सौंपा गया है। CM और डिप्टी CM दोनों पदों पर बैठे लोगों का अंक ‘चार’ से रिश्ता बन रहा है।
दरअसल, शिंदे राज्य के चौथे ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो सतारा जिले से आते हैं। वहीं, फडणवीस भी प्रदेश के चौथे ऐसे पूर्व मुख्यमंत्री हैं, जिन्हें किसी सरकार में CM से छोटा पद दिया गया है।
शिंदे से पहले तीन सतारा वासी बन चुके हैं मुख्यमंत्री
भले ही मुंबई के ठाणे को शिंदे का सियासी इलाका कहा जाता हो, लेकिन वे असल में सतारा शहर से 60 किमी दूर दारे ताम्ब गांव के हैं। उनसे पहले सतारा से आने वाले प्रदेश के तीन मुख्यमंत्री हैं- यशवंतराव चव्हाण (प्रदेश के पहले CM), बाबासाहेब भोसले और पृथ्वीराज चव्हाण।











