
कोरबा। कोरबा आदिवासी जिला में शासकीय विद्यालय में अध्यनरत छात्र-छात्राओं से प्राचार्य एवं कक्षा शिक्षक के द्वारा कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी के विद्यार्थियों से शासन से निर्धारित प्रवेश शुल्क सहित अन्य शुल्क निर्धारित की गई राशि से लगभग प्रति छात्र 100 रूपये से 250 रूपये अधिक वसूली की जा रही है जिससे स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री सरोज उईके के पत्र क्रमांक एफ 16-44 / 2015 / 20 – तीन / पार्ट दिनाक 30.12.2021 एवं जिला शिक्षा अधिकारी जिला कोरबा के आदेश कमांक 2442 दिनांक 04.07.2022 के तहत कक्षा नवमी एवं दसवीं के छात्र-छात्राओं के वर्ष के संपूर्ण शुल्क मिलाकर केवल 380 रूपये लेने हैं साथ ही कक्षा 11वीं एवं 12वीं के छात्र-छात्राओं से वर्ष के समस्त शुल्क मात्र 415/- रूपये लिये जाने का निर्देश हैं। साथ ही 11वीं एवं 12वीं के वे छात्र जो कामर्स विषय लेकर अध्यन कर रहे हैं उनसे मात्र 345 /- रूपये लिये जाने का प्रावधान है लेकिन इन समस्त आदेश एवं निर्देशों को ठेंगा दिखाते हुए जिले के गरीब एवं मध्यम वर्ग के छात्र-छात्राओं से शासकीय विद्यालय के प्राचार्य एवं कक्षा शिक्षक के द्वारा उनका आर्थिक शोषण करते हुए अधिक फीस वसूली की जा रही है जो कि पूर्णतः निंदनीय है।
इस संबंध में समाजसेवी मनीराम जांगड़े ने जिला कलेक्टर संजीव झा एवं जिला शिक्षा अधिकारी जी.पी. भारद्वाज को पत्र लिखकर भांग की है कि कोरबा जिले अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पी.डब्ल्यूडी रामपुर कोरबा नोनबिर्रा में इस प्रकार के कृत्य को अंजाम दिया जा रहा है। सत्र 2019 में भी जिले के विभिन्न इन शासकीय संस्थाओं में शासन के नियम के विरुद्ध छात्र-छात्राओं से नियम विरुद्ध ली जा रही फीस की जानकरी तत्कालीन कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल को होने पर पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी सतीश पांडे को 3 दिवस के भीतर ली गई फीस को तत्काल वापस कराकर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। फलस्वरूप आदेश के परिपालन में जिले के जिन-जिन शासकीय विद्यालयों में अधिक फीस वसूली की गई थी उसे वापस कराया गया था ताकि कोरबा आदिवासी जिले में निवासरत गरीब छात्र-छात्रओं का किसी भी प्रकार से शोषण न हो। एक ओर जंहा हमारे कोरबा जिले के नवपदस्थ कलेक्टर श्री संजीव कुमार झां ने स्पष्ट कहा है कि जिले की शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में किसी प्रकार की कोई लापरवाही बर्दाश्त नही किया जाएगा। लेकिन जिले के कुछ एक हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य एवं कक्षा शिक्षकों के द्वारा उनकी भावनाओं को एवं शासन के आदेश एवं निर्देशों को ठेंगा दिखाने में आतुर है। अंत में मनीराम जांगड़े ने जिला कलेक्टर एवं जिला शिक्षा अधिकारी जिला कोरबा से मांग की है कि छात्र-छात्राओं से अधिक फीस वसूली करने वाले प्राचार्य एवं शिक्षकों के प्रति कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाए। साथ ही शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए।







