Thursday, July 2, 2026

 बच्चे को पिता से नही मिलने देने का आरोप,महिला कर रही बाल कल्याण समिति के आदेश की अवहेलना

कोरबा। एक शिक्षिका द्वारा बाल कल्याण समिति के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। शिक्षिका दीपिका के पति पवन राठौड़ ने 20 दिन पहले समिति के समक्ष लिखित में शिकायत किया था कि उसकी पत्नी उसके 4 वर्ष के बच्चे से उसे मिलने नहीं देती। पूर्व में दोनो के बीच में मधुर संबंध थे, लेकिन विवाह के 10 साल बाद दोनो के रिश्तों में खटास आने लगी। विवाद इतना बढ़ा कि पत्नी अपने बच्चे को लेकर अलग रहने लगी।वर्तमान में वह बच्चे के साथ अकेले किराए के मकान में रहती है। दीपिका सेंट जेवियर्स स्कूल में पढ़ती है। जब शिक्षिका ड्यूटी पर रहती है तो उसका बेटा पड़ोसी के घर में रहता है। पुत्र का ध्यान रही रखने को लेकर पिता ने आपत्ति जताते हुए समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा जिसमें उन्होंने कहा कि पत्नी की ड्यूटी के वक्त बेटा घर से बाहर रहता है उस दौरान उसे मेरे पास भेज दिया जाए ताकि उसकी परवरिश में कोई कमी ना हो, जिसपर दीपिका को समिति ने कार्यालय में बुलाया। साथ ही बच्चे को पित्ता सप्ताह में 2 दिन मिलने देने के लिए समय तय किया गया। आदेश जारी होने के 10 दिन बाद भी दीपिका ने पवन को उसके बच्चे से मिलने नहीं दिया। उल्टा उसने धमकी दी है कि अगर वह बच्चे से मिलने की कोशिश करेगा तो उसके बच्चे को वह जला कर मार देगी। इस बात से पवन काफी डर गया पवन ने समिति और कलेक्टर को एक शिकायत पत्र दिया है। उसने बताया है कि दीपिका के पास उसका बेटा सुरक्षित नहीं है। आए दिन बच्चे के साथ मारपीट की जाती है। उसने कलेक्टर से शिकायत पत्र में लिखा है कि दीपिका को इस कार्य में बाल कल्याण समिति के पूर्व सदस्य द्वारा सहयोग किया जा रहा है। दीपिका को भड़काया भी जा रहा है जिसकी वजह से वह समिति के आदेश की अवहेलना कर रही है।