Tuesday, August 18, 2026

75 साल बाद यहां पहली बार मंत्री पहुंचे:दूषित पानी से इस इलाके में हो चुकी है 60 मौतें, मदद का आश्वासन

छत्तीसगढ़ के आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र रेगडगट्टा पहुंचकर पिछले कई सालों से उपेक्षित ग्रामीणों को एक नई उम्मीद दिखाई है। आजादी के बाद ये पहली बार है, जब कोई मंत्री कोंटा के अतिसंवेदनशील और नक्सल प्रभावित क्षेत्र रेगडगट्टा पहुंचा है। कवासी लखमा कोंटा विधानसभा सीट से विधायक भी हैं, लेकिन इस इलाके में वे पहली बार पहुंचे।

मंत्री कवासी लखमा ने कोंटा के रेगडगट्टा पहुंचकर ग्रामीणों से मुलाकात की। दरअसल पिछले 3 सालों से ग्राम पंचायत रेगडगट्टा में अज्ञात बीमारी से करीब 60 से ज्यादा ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। ये मामला काफी देर से जिला प्रशासन के संज्ञान में आया। इसके बाद स्थानीय विधायक और आबकारी मंत्री कवासी लखमा की दखल के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम हरकत में आई।

जांच में पानी में निकली खराबी

यहां जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि रेगडगट्टा गांव की 24 बोरिंग में से 4 बोरिंग का पानी खराब है। जिसके बाद इन 4 बोरिंग को बंद करा दिया गया। इधर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आज शुक्रवार को मंत्री कवासी लखमा खुद गांव पहुंचे। उनके साथ कलेक्टर हरीश एस, एसपी सुनील शर्मा मौजूद रहे।

बाइक से पहुंचे मंत्री कवासी लखमा

रेगडगट्टा बेहद संवेदनशील इलाकों में आता है, लेकिन यहां लगातार हो रही मौतों को लेकर विपक्ष लंबे समय से सरकार के ऊपर हमलावर था। ऐसे में कोंटा विधायक और आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने यहां आने की सोची। सुरक्षा कारणों से पुलिस-प्रशासन ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। फिर योजना के अनुसार पहले वे सड़क मार्ग से कार में भेज्जी तक आए और फिर यहां से रेगडगट्टा के लिए बाइक पर रवाना हुए, क्योंकि इस गांव के ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्तों पर कार से आना संभव नहीं था।

मंत्री को देखकर हैरान हुए लोग

गांववालों ने बाइक से आते हुए जब आबकारी मंत्री कवासी लखमा को देखा, तो वे हैरान रह गए। क्योंकि आजादी को 75 साल हो चुके हैं, लेकिन अब तक उनकी सुध लेने के लिए कोई मंत्री यहां तक नहीं पहुंचा था। यहां आकर कवासी लखमा ने गांववालों से मुलाकात की और मृतकों के परिजनों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया। मंत्री कवासी लखमा इस दौरान गांववालों की समस्या को दूर करने के लिए लगातार जिला प्रशासन को निर्देश देते रहे।

गांव तक बिजली पहुंचाने का आश्वासन

ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में अब तक बिजली भी नहीं पहुंची है, इस पर मंत्री कवासी लखमा ने उन्हें जल्द समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया।

नवनिर्मित पुल का भी निरीक्षण

मंत्री कवासी लखमा ने यहां ग्रामीणों को धान की बोरियां भी वितरित कीं। उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे इस गांव में समय-समय पर आकर जांच करते रहें। इसके बाद मंत्री बाइक पर सवार होकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वापस भेज्जी लौट गए। यहां से उनका काफिला 4 किलोमीटर दूर स्थित एलाडमडुगु पहुंचा, जहां उन्होंने नवनिर्मित पुल का निरीक्षण किया। यहां से वे वापस खुद बाइक चलाकर भेज्जी की कोर्राज माता के दर्शन के लिए पहुंचे। मां के दर्शन के बाद उन्होंने भोजन किया और वापस कोंटा पहुंचे।