Thursday, March 12, 2026

ऑनलाइन ठगी के दो मामलों में कोरबा पुलिस ने पीड़ित को वापस दिलाई धनराशि,, पढ़िए पूरी ख़बर

कोरबा . पुलिस अधीक्षक कोरबा, संतोष सिंह द्वारा साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभिषेक वर्मा को निर्देशित किया गया है कि सायबर ठगी से संबंधित मामलों में त्वरित कार्यवाही कर रकम वापसी कराने का प्रयास किया जाए। निर्देश के पालन में सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक कृष्णा साहू द्वाराअपनी टीम के साथ लगातार सायबर ठगी संबंधी अपराधों में पीड़ितों की रकम वापसी का प्रयास किया जा रहा है । ट्रांसपोर्ट नगर कोरबा में इलेक्ट्रॉनिक सामानों की दुकान पोस्टर पॉइंट चलाने वाले हरविंदर सिंह को ठगों द्वारा सामान सप्लाई करने का झांसा देकर 2 लाख 25 हजार रूपए ठगी कर अपने खाते में जमा करा लिया गया था, व्यापारी को जैसे ही ठगी का एहसास हुआ रात करीब 11:30 बजे उसके द्वारा सायबर सेल प्रभारी कृष्णा साहू से संपर्क किया गया।

साइबर ठगी का ऐसा ही मामला कोरबा जिले के बांकीमोंगरा इलाके में सामने आया, जहां कलेश्वर सिंह नामक शख्स को बिजली बिल बकाया होने की सूचना साइबर ठगों द्वारा देते हुए अपना मोबाइल नंबर दिया गया। इस नंबर पर संपर्क करते ही ठगों ने कलेश्वर को अपने झांसे में लिया और उनसे QUICK SUPPORT नमक सॉफ्टवेयर मोबाइल पर डाउनलोड करवा लिया। इसके बाद मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथों चला गया और ऐसा करके कलेश्वर के खाते से 76 हजार रूपये गायब कर दिए गए।
ठगी के शिकार कलेश्वर ने इसकी सूचना साइबर सेल को दी। साइबर सेल प्रभारी कृष्णा साहू ने बताया कि इस मामले में भी NCCRP पोर्टल की मदद ली गई। दरअसल साइबर ठग ने अपना काम करने के बाद ठगी गई रकम से Flipcart से खरीदी का आर्डर दे दिया, चूंकि NCCRP पोर्टल और पुलिस ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया, इसलिए तत्काल Flipcart से संपर्क करके खरीदी को कैंसल कराया गया और पैसे को होल्ड करते हुए उसे कलेश्वर को वापस करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
साइबर सेल टीम द्वारा रात्रि में ही उक्त व्यापारी से हुई ठगी के संबंध में डिटेल प्राप्त NCCRP पोर्टल में जानकारी अपलोड कर उक्त खाते को ब्लॉक करवाया गया। इसके बाद संबंधित बैंक द्वारा जांच पश्चात 07 दिवस के भीतर ठगी किए गए संपूर्ण रकम 2 लाख 25 हजार रूपए को व्यापारी के खाते में वापस जमा किया गया। व्यापारी ने पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित किया है।