Thursday, August 6, 2026

अधिकृत शराब दुकानों में नहीं है स्टॉक,,लेकिन बार के मालिक काट रहे है चांदी,,आबकारी विभाग के अधिकारी भी दे रहे गोलमोल जवाब,,शराब की कालाबाजारी जिले में चरम पर

कोरबा। प्रदेश सहित शहर में प्रशासनिक अव्यवस्था की लाल बत्ती जल गई है ।।अधिकारी अपने अधिकारों के बल पर उस कार्य को भी करने से नहीं कतरा रहे हैं जिससे शासन को रेवेन्यू प्राप्त होता है । हम बात कर रहे हैं आबकारी विभाग की । जिनके जिम्मे शराब दुकानों का संचालन है। लेकिन यहां कुछ अधिकारियों की मनमानी चरम पर है ।

ठंड के सीजन में रम पीने की सलाह डॉक्टर भी देती है। लेकिन कोरबा शहर के पुराना बस स्टैंड, टीपी नगर और निहारिका शराब दुकान में ब्रांडेड रम है ही नहीं । आपको हैरानी होगी की वही रम शहर के बार में ऊंचे दाम पर आपको आसानी से मिल जाएगी।

जाहिर है पूरा खेल शराब की कालाबाजारी से जुड़ा हुआ है।। तभी तो अधिकृत दुकानों में स्टॉक नहीं होता और बार में उसी रम की दोगुनी कीमत लोगों से वसूल की जाती है । मरता क्या न करता,,लोग भी ऊंचे दामों पर रम को खरीदने को मजबूर है।।

जानकारी तथ्यहीन ना हो इसलिए KNN न्यूज़ की टीम ने आबकारी विभाग के अधिकारी रमेश अग्रवाल से फोन पर संपर्क किया। तब अधिकारी गोलमोल जवाब देते सुनाई दिए। जाहिर है भ्रष्ट कार्य का अधिकारी जवाब भी क्या देते?

आपको बता दें कि जिस प्रकार से ठंड के सीजन में अधिकृत दुकानों में रम नहीं होती ठीक उसी प्रकार गर्मी के मौसम में ब्रांडेड बियर भी इन दुकानों में उपलब्ध नहीं होती । बल्कि बार में आसानी से आपको बीयर उपलब्ध हो जाएंगे।

सब जानते हैं कि कद्दू कटेगा तो सब में बटेगा लेकिन अधिकारी यह बात भी भूल रहे हैं कि शराब दुकानों के माध्यम से सरकार रेवेन्यू प्राप्त करती है।। जिससे विकास के कार्य तो होते ही है साथ ही उनकी सैलरी भी दी जाती है। लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों की कार्यशैली के कारण मदिरा प्रेमी परेशान है।

बहरहाल प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण लोग काफी परेशान हो चुके हैं । कुछ भ्रष्ट अधिकारी पूरे सिस्टम पर धब्बा बन गए हैं। समय रहते अगर इनका उपचार नहीं किया गया तो पूरा विभाग ही पंगु हो जाएगा। जिला प्रशासन को मामले में दखल देना चाहिए ।