कोरबा। गरीब बच्चों को शिक्षा के साथ रेवास की सुविधा प्रदान करने के मकसद से हरदी बाजार तहसील के पीछे करोड़ों रुपए खर्च कर छात्रावास का निर्माण कराया जा रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को शिक्षा प्रदान की जाएं लेकिन भ्रष्टाचार में आकंठ तक डूबे कमीशन खोर अधिकारी यहां भी मलाई मारने से पीछे नहीं है दरअसल जिला कोरबा जनपद पंचायत पाली के अंतर्गत ग्राम पंचायत हरदी बाजार के तहसील कार्यालय के पीछे करोड़ों रुपए की लागत से छात्रावास का निर्माण शासन द्वारा कराया जा रहा है । आदिम जाति कल्याण विभाग सहायक आयुक्त व जिला प्रशासन के अधीन इस कार्य को कोरबा के ठेकेदार राकेश केडिया व रजत केडिया के द्वारा कराया जा रहा है । जिसकी छत की ढलाई लीलाधर नदी रेकी की कोयला युक्त बालू से की जा रही है। लीलागर नदी में एसईसीएल दीपका खदान के गंदे पानी को छोड़ा जाता है ।जिससे पूरे नदी के बालू में कोयला की मात्रा मिल जाती है। विभाग द्वारा रॉयल्टी व पैसे की बचत करने के चक्कर में सस्ते दरों पर उक्त बालू ढुलाई करके ठेकेदार के द्वारा पूरा निर्माण कार्य और लेंटर का ढलाई कराया गया है । आपको बता दे की इस गांव में बड़े-बड़े जनप्रतिनिधि निवास करते हैं और उसके आंखों के सामने इस तरह की लूट मची हुई है । सरकार एवं शासन के प्रतिनिधि कमीशन के चक्कर में आंख मूंद कर बैठे हुए हैं।। ग्रामीण चाहते है कि इस समस्या को गंभीरता से लें .










