Tuesday, August 4, 2026

बागेश्वर धाम आई 10 साल की बच्ची की मौत:परिजन बोले- मिर्गी की बीमारी थी; बाबा ने भभूति दी, फिर कहा कि इसे ले जाओ

छतरपुर.बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र शास्त्री के पास पहुंची 10 साल की बच्ची की रविवार को मौत हो गई। राजस्थान के बाड़मेर का परिवार मिर्गी की बीमारी का इलाज कराने बच्ची को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पास लाया था। परिजन का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री ने बच्ची को भभूति दी थी, लेकिन उसकी जान नहीं बची। इसके बाद धीरेंद्र ने परिवार से कहा कि वे बच्ची को लेकर चले जाएं। इस मामले में भास्कर रिपोर्टर ने धीरेंद्र शास्त्री के करीबी नितेंद्र चौबे से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

जानकारी के मुताबिक 10 साल की बच्ची का नाम विष्णु कुमारी था। वह अपनी मां मां धम्मू देवी और मामी गुड्‌डी के साथ बाड़मेर से बागेश्वर धाम आई थी। परिजन ने बताया- उसे मिर्गी के दौरे आते थे। हमने यहां के चमत्कार के बारे में सुना, तो बेटी को लेकर आए थे, लेकिन यहां आने पर बच्ची की जान चली गई। बागेश्वर धाम में हफ्तेभर पहले किडनी की बीमारी का इलाज कराने आई महिला की भी मौत हो गई थी।

परिजनों ने बताया कि बच्ची की मामी अक्सर धाम आया करती थीं। बच्ची को बीमारी थी तो उन्होंने ने ही एक बार धाम पर चलने को कहा था। शुक्रवार को हम सभी बच्ची को लेकर राजस्थान से धाम पहुंचे। 18 फरवरी को दिनभर धाम में ही रुके और वहीं पर खाना-पीना किया। रात को बच्ची सुस्त हो गई। उसे फिट्स (मिर्गी के दौरे) आया करते थे, इसलिए परिवार को लगा कि बच्ची सो गई होगी। धाम से मिली भभूति भी उसे चटाई, लेकिन शनिवार को रातभर बच्ची ने कोई हलचल नहीं की।

रविवार को परिवारवाले बाबा के शिष्य मंडल से मिले और उन्हें अपनी समस्या बताते हुए बाबा से मिलाने की विनती की। जैसे-तैसे बाबा से मुलाकात हुई। बाबा ने पहले तो भभूति दी। इसके बाद उन्होंने बच्ची को देखा और कहा- बच्ची को ले जाओ, यह शांत हो गई है। इसके बाद बाबा के अनुयायियों की मदद से हम धाम पर ही बने अस्थाई अस्पताल पहुंचे, जहां से हमें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। एंबुलेंस ने हमें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। यहां से निजी एंबुलेंस करके राजस्थान अपने गांव चले गए।