रायपुर. राजधानी रायपुर में गोपनीय सूचना के आधार पर केंद्रीय जीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क ने मैसर्स ययूनाइटेड इस्पात, रायपुर के परिसर पर बड़ी कार्रवाई की है. छापा में पाया गया कि इस फर्म में किसी भी प्रकार के माल या सेवाओं की आपूर्ति किए बिना बड़े पैमाने पर फर्जी बिल बनाने और नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट पारित करने का काम चल रहा था.
जांच में पता चला कि सौरभ अग्रवाल मैसर्स यूनाइटेड इस्पात के नाम से फर्जी फर्म के निर्माण और संचालन के पीछे मास्टरमाइंड है. मैसर्स यूनाइटेड इस्पात ने ओड़ीशा और छत्तीसगढ़ में स्थित विभिन्न फर्मों से 15.32 करोड़ रुपए का नकली इनपुट टैक्स क्रेडिट लिया और किसी भी प्रकार के माल और सेवाओं की आपूर्ति किए बिना अन्य फर्मों को 16.94 करोड़ रुपए का नकली क्रेडिट पारित किया. सौरभ अग्रवाल सभी गतिविधियों को संचालित कर रहे थे और फर्जी लेनदेन के मुख्य लाभार्थी पाए गए है.











