
नई दिल्ली.शराब नीति मामले में दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को CBI ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले CBI ने उनसे 8 घंटे पूछताछ की थी। बताया गया है कि आबकारी विभाग के एक आईएएस अफसर ने पूछताछ के दौरान सिसोदिया का नाम लिया था। अफसर ने कहा- सिसोदिया ने ऐसी शराब नीति बनाई थी, जिससे सरकार को मुनाफा नहीं हो, व्यापारियों को मोटा फायदा हो। इसी बयान के आधार पर सिसोदिया से पूछताछ की गई थी।
सूत्रों की मानें तो अफसर ने सिसोदिया पर सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगाया था। CBI ने सिसोदिया और अफसर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तो, उन्होंने कई सवालों के जवाब नहीं दिए। यही सिसोदिया की गिरफ्तारी की वजह बनी। सिसोदिया को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सिसोदिया की गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी की ओर से पहली प्रतिक्रिया राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दी है। उन्होंने कहा- सिसोदिया की गिरफ्तारी तानाशाही की इंतेहा है। आम आदमी पार्टी ने ट्वीट कर लिखा- यह लोकतंत्र के लिए काला दिन।

सिसोदिया करीब 15 मिनट लेट CBI दफ्तर पहुंचे
जांच में शामिल होने के लिए सिसोदिया घर से निकलने से पहले अपनी मां से मिले और उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद रोड शो करते हुए CBI दफ्तर पहुंचे। सिसोदिया के साथ उनके हजारों समर्थक भी थे। सभी हेडक्वार्टर के पास धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे थे।
प्रोटेस्ट बढ़ता देख पुलिस ने धारा-144 लगा दी। दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल राय और AAP सांसद संजय सिंह सहित कई समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था न बिगड़े इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया है।
सिसोदिया ने CBI दफ्तर जाने से पहले समर्थकों को संबोधित किया। उन्होंने खुद को भगत सिंह का अनुयायी बताते हुए कहा कि वो देश के लिए शहीद हो गए थे, हम तो झूठे आरोपों के लिए जेल जाना बहुत छोटी चीज है। सिसोदिया को 11 बजे दिल्ली के लोधी रोड पर CBI के हेडक्वॉर्टर पहुंचना था, लेकिन वे करीब 15 मिनट लेट पहुंचे।











