पटना/जमुई.तमिलनाडु में बिहारी मजदूरों को तालिबानी सजा दी जा रही है। उनके लिए हिंदी बोलना गुनाह हो गया है। मजदूरी से उठे विवाद में अब हिंदी बोलने वालों को चुन-चुनकर काटा जा रहा है। जमुई के युवक ने बताया कि इन लोगों ने 12 मजदूरों को एक कमरे में बंद कर के फांसी के फंदे पर लटका दिया। 15 से ज्यादा मजदूरों की हत्या का दावा किया जा रहा है। मजदूरों ने वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से मदद की गुहार लगाई है।
तमिलनाडु में ही फंसे बिहार के मजदूर सोनू ने बताया कि बिहार के मजदूर वैल्डिंग के काम में ज्यादा हैं। शिवकट और तिरपुरा इंडस्ट्रीयल एरिया है। यहां सबसे ज्यादा लोहे की फैक्ट्रियां हैं। सोनू ने बताया कि अब तक जो भी काटने और मारने के वीडियो आए हैं वह शिवकट और तिरपुरा इलाके के ही हैं। जिसमें नारियल काटने वाले धारदार हथियार से बीच सड़क पर लोगों को काटने की घटना शिवकट की है। सोनू ने बताया कि वो जगह को पहचान रहा है, लेकिन मजदूरों को नहीं पहचान पा रहा है। वीडियो बनाने और फोटो वायरल करने पर यहां लोगों को ढूंढकर काटा जा रहा है। लोगों को घर से भी नहीं निकलने दिया जा रहा है। पुलिस और प्रशासन भी मदद के लिए नहीं है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले में ट्वीट किया है उन्होंने कहा कि मुझे समाचार पत्रों के माध्यम से तमिलनाडु में काम कर रहे बिहार के मजदूरों पर हो रहे हमले की जानकारी मिली है। मैंने बिहार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों से बात कर वहां रह रहे बिहार के मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निदेश दिया है।











