सुकमा। नक्सल इलाके में सीआरपीएफ़ की 219वीं बटालियन के जवान एक तीन वर्ष के बच्चे के लिए देवदूत बनकर सामने आए हैं। नक्सल प्रभावित भेज्जी में तीन वर्ष का बच्चा तालाब में डूब गया। ग्रामीणों ने सीआरपीएफ की 219वीं बटालियन के जवानों से मदद मांगी। कमांडेंट नितिन के निर्देश पर सीआरपीएफ जवानों ने एम्बुलेंस से तीन वर्ष के बच्चे को सीआरपीएफ के फ़ील्ड अस्पताल लाया, जहां डॉक्टर आदिल ने देर ना करते हुए ऑक्सीजन के माध्यम से बच्चे का इलाज शुरू किया।दरअसल अस्पताल पहुँचते तक बच्चे की साँसें लगभग बंद सी हो गई थी , पर डॉक्टर आदिल के प्रयासों से तीन वर्षीय बालक को बचा लिया गया। बच्चे का इलाज सीआरपीएफ़ की फ़ील्ड अस्पताल में जारी है। परिजनों ने डॉक्टर आदिल व सीआरपीएफ़ की 219वी बटालियन के जवानों का आभार प्रकट किया है











