कोरबा। पिछले दिनों में विभागीय लापरवाही के कारण हसदेव बांगो परियोजना की बांयीं तट नहर फूटने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है।लगभग 36 घंटे बाद नहर के पानी को डायवर्ट नहीं कर पाने से मरम्मत का काम शुरू नहीं हो पाया। इस नहर की एक माइनर चांपा और दूसरी सारागांव की ओर गई है। इससे नहर को पूरी तरह बंद नहीं कर सकते। अभी पानी की मात्रा घटाकर 500 क्यूसेक कर दिया है। साथ ही जर्वे के पास पानी को डायवर्ट किया है। सिंचाई विभाग के अफसरों का कहना है कि मरम्मत का काम अब अगले दिन शुरू होगा।
बुधवार सुबह कोरबा से 41 किलोमीटर दूर ढिटोरी से छूईहा के बीच नहर का तटबंध बहने से 500 एकड़ से अधिक खेत पानी में डूब गए थे। जिससे किसानों की पूरी फसल बर्बाद हो गई है । वरिष्ठ समाजसेवी व विशेष आमंत्रित सदस्य भाजपा केदारनाथ अग्रवाल ने इस मामले में किसानों का साथ दिया है । केदारनाथ अग्रवाल का कहना है कि विभाग के लापरवाही के कारण किसानों को काफी नुकसान हुआ है । अभिलंब आकलन शुरू कर कर उन्हें मुआवजा दिया जाए।
आपको बता दे कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने पानी की मात्रा घटाने के लिए काम करना शुरू किया था। पहले 3900 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, लेकिन पानी को डायवर्ट करने के बाद भी पानी कम नहीं हुआ। सुबह जब किसान खेत पहुंचे तो फसल की हालत देखकर रोने जैसी हालत हो गई थी।
पोड़ी के किसान ने बताया कि खेत में मिट्टी आने से खेत की फसल चौपट हो गई है। पोड़ी मार्ग की प्रधानमंत्री सड़क खेत के बीच से ही गुजारी है। सड़क के नीचे का मिट्टी बहने से खोखली हो गई है। इससे लोगों को आवाजाही में आगे परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
नहर के तटबंध बहने में सिंचाई विभाग के अफसरों कीलापरवाही साफ नजर आ रही है पर वे एक दूसरे को बचाने में लगे हुए हैं। लेकिन इस तरह की लापरवाही से अन्नदाता आज रोने को मजबूर है । भाजपा नेता केदारनाथ अग्रवाल ने अभिलंब किसानों को राहत पहुंचने की अपील प्रशासनिक अधिकारियों से की है।











