रायपुर। छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी चयन के लिए दोनो प्रमुख राजनीतिक दलों सत्ताधारी कांग्रेस और प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा में कवायद तेजी से जारी है। भाजपा ने अपनी पहली सूची में 21 प्रत्याशियों के नाम घोषित भी कर दिए हैं। वहीं दूसरी सूची के लिए रविवार की देर शाम नई दिल्ली में पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। इस बैठक में ज्यादातर सीटों के लिए नाम तय कर लिए गए हैं
हीरो अनुज शर्मा धरसीवां से ठोकेंगे ताल
छत्तीसगढ़िया फिलमों के लोकप्रिय अभिनेता अनुज शर्मा को पार्टी ने राजधानी रायपुर से लगते धरसीवां विधानसभा से मैदान में उतारने का निर्णय लिया है। उल्लेखनीय है कि धरसीवां से पार्टी के दिग्गज नेता देवजी भाई पटेल भी दावेदार थे।
संपत अग्रवाल को बसना से उतारेगी पार्टी
वहीं पार्टी ने बसना से संपत अग्रवाल को चुनाव लड़ाना तय कर लिया है। उल्लेखनीय है कि, संपत अग्रवाला पुराने भाजपाई है। लेकिन पिछले चुनाव में पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरकर अच्छी खसे मत हासिल किए थे। इसलिए पार्टी ने उनको वापस लेकर प्रत्याशी बनाने का निर्णय लिया है।
आंरग से गुरु खुसवंत साहेब को टिकट
आरंग क्षेत्र को लेकर भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने निर्णय कर लिया है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में आए सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास के सुपुत्र गुरु खुसवंत साहेब को भाजपा ने आरंग से प्रत्याशी बनाया है। उल्लेखनीय है कि वहां से सरकार के मंत्री शिव डहरिया विधायक हैं।
ननकी राम कंवर की उम्र को किया गया नजरअंदाज
केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में जब कोरबा जिले की रामपुर सीट से ननकी राम कंवर का नाम लिया गया तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा। फिर सभी ने सर्वानुमति से उनके नाम पर हामी भर दी।
पीएम मोदी ने पूछा- बृजमोहन जी कितनी बार बन गए विधायक
इसी तरह केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में जब रायुपर दक्षिण सीट से एक बार फिर से बृजमोहन अगवाल का नाम आया तो बैठक में मौजूद पीएम नरेंद्र मोदी ने पूछा कि, बृजमोहन जी कितनी बार विधायक बन गए होंगे।
टीएस के खिलाफ प्रत्याशी तय नहीं कर पाई पार्टी
बैइक के बाद अंदरूनी जानकारी देते हुए बताया कि, साल 2008 से लगातार अंबिकापुर शहर से विधायक चुने जा रहे टीएस सिंहदेव के खिलाफ भाजपा अभी प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है। उल्लेखनीय है कि पहला चुनाव श्री सिंहदेव महज हजार मतो से ही जीत पाए थे, लेकिन उसके बाद हर चुनाव में उनकी जीत का अंतर बढ़ता ही गया। उनको हर बार भाजपा की ओर से अनुराग सिंहदेव के साथ ही मुकाबला करना पड़ा है। अबकी बार ऐसा लग रहा है कि वहां से पार्टी प्रत्याशी बदलने पर विचार कर रही है।
सरोज पांडेय को नहीं लड़ाएगी पार्टी
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के सियासी गलियारों में भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री सरोज पांडेय को लेकर भी कसायसों का दौर बना रहता है। उन्हें भी सीएम फेस के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन इन दिनों वे राज्यसभा की सांसद हैं। राज्यसभा की एक सीट छोड़ने की स्थिति में पार्टी अभी नहीं है। इसलिए यह तय है कि, विधानसभा चुनाव में सरोज पांडेय प्रत्याशी नहीं होंगी।











