कोरबा: एक तरफ लाॅकडाउन के उल्लघन के नाम पर प्रशासनिक अधिकारी शादी एवं दशगात्र जैसे कार्यक्रमों में आम लोगों को रोकने में लगे है। पुलिस बेवजह राशन, दवाई लेने के बहाने जा रहे लोगों से उठक बैठक करा रही है। लाॅकडाउन के परिपालन के नाम पर गरीब लोगों से लेकर व्यापारियों से गलतियों पर जुर्माना वूसली की जा रही है। लेकिन लाॅकडाउन के नियमों का रट्टा लगाने वाली प्रशासन नेताओं के सामने नतमस्तक हो जाती है।

ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योकि स्वयं छ.ग. के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने ये प्रोटोकाॅल तोड़ा। एक तरफ शादी ब्याह जैसे कार्यक्रमों में केवल 10 लोगो को ही अनुमति प्रदान की जाती है। लेकिन राजस्व मंत्री के लोकार्पण कार्यक्रम में लगभग 15 लोग शामिल थे। मौका था स्याहीमुड़ी स्थित सीपेट कोविड अस्पताल के लोकार्पण का। आप तस्वीर में साफ देख सकते हैं कि राजस्वमंत्री और कोरबा सभापति श्यामसुंदर सोनी सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे, और ना ही कक्ष में उपस्थित कोई भी व्यक्ति सामाजिक दूरी का पालन कर रहा है। इसे श्रेय लेने की होड़ कहे तो गलत नहीं होगा, क्योंकि एक तरफ जहां बड़े-बड़े कार्यक्रम वर्चुवल सम्पन्न हो जाते हें । ऐसी स्थिती में लोकार्पण कार्यक्रम का आयोजन आखिर क्यों? इसे साबित करता है की दिखावा जरूरी है। देखना हैं कि प्रशासन सिर्फ आम लोगो को ही लाॅकडाउन का पाठ पढ़ता हैं, या फिर ऐसे आयोजको से भी जुर्माने की राशि वसूल की जाती है तथा आप देख सकते हैं कि स्वयं राजस्व मंत्री का मास्क भी ढंग से नहीं लगाया हुआ है।









