कोरबा।** कटघोरा वन मंडल में हाथियों के लगातार हमले से परेशान किसानों ने अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए अनोखी तरकीब अपनाई है। हाथियों से फसलों को बचाने के लिए किसान अब सोलर सिस्टम से संचालित झटका तार का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस तार में 12 वोल्ट का करेंट प्रवाहित होता है, जो हाथियों को खेतों के पास आने पर जोर का झटका देता है, जिससे वे पीछे हटने को मजबूर हो जाते हैं।
पिछले दो दशक से कोरबा जिले में हाथियों का आतंक जारी है, और खासकर कटघोरा वन मंडल के तीन रेंजों में स्थित लगभग 70 गांव इससे प्रभावित हैं। वन विभाग के पास अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं है, जिससे किसानों को अपनी फसलों के भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। हर साल किसानों को लगभग 2 से 3 करोड़ रुपये का फसल नुकसान होता है, लेकिन उन्हें इसका उचित मुआवजा नहीं मिल पाता है।
अब, हाथियों के हमले से तंग आकर चोटिया, परला, लाद, रोदे और अन्य 10 गांवों के 70 से अधिक किसानों ने अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सोलर सिस्टम से संचालित ‘सोलर फैन्स गार्ड’ नामक एक विशेष डिवाइस का उपयोग शुरू किया है। इस डिवाइस में पैनल से स्टेपलाइजर चार्ज होता है, और 12 वोल्ट का करेंट उत्पन्न होता है, जो जी–आई तारों के जरिए खेतों को घेरता है। करेंट के संपर्क में आते ही हाथी और अन्य जंगली जानवरों को जोर का झटका लगता है, जिससे वे खेतों से दूर भाग जाते हैं।
किसानों का कहना है कि उन्हें हर साल हाथियों के कारण लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता था, लेकिन अब उन्होंने 15 से 20 हजार रुपये खर्च कर इस सोलर डिवाइस को लगाकर अपनी फसलों को खुद ही सुरक्षित करने का फैसला लिया है। इस नई तकनीक के उपयोग से किसानों को हाथियों के हमले से निजात मिल रही है और फसलें सुरक्षित हैं।
प्रशासन भी अब इस उपाय पर ध्यान दे रहा है और झटका तार के लिए प्रस्ताव मंगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि इसे और विस्तार से लागू किया गया, तो यह किसानों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है और हाथियों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।








