कोरबा, 29 दिसंबर 2024: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) ने एक ज्ञापन जारी कर केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा डॉ. भीमराव बाबासाहेब अंबेडकर जी के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। कांग्रेस ने इस बयान को अपमानजनक और अनुचित बताते हुए राष्ट्रपति भारत सरकार श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी से मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।

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कांग्रेस का कड़ा विरोध

ज्ञापन में कांग्रेस ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस हमेशा से डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान निर्माण में योगदान और उनके द्वारा किए गए संघर्ष को सम्मानित करती है। कांग्रेस पार्टी संविधान और इसके द्वारा गारंटीकृत अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ रही है। हालांकि, श्री अमित शाह की हाल की टिप्पणी ने कांग्रेस और देशवासियों को गहरी निराशा में डाल दिया है।

कांग्रेस का कहना है कि श्री अमित शाह ने 75वीं संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर का अपमान करते हुए संसद में उन्हें निशाना बनाया। यह टिप्पणी न केवल डॉ. अंबेडकर के योगदान की अनदेखी करती है, बल्कि दलित समुदाय और हाशिए पर रहे वर्गों के अधिकारों की अवहेलना भी करती है। कांग्रेस ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए कहा है कि इसे बिना किसी परिणाम के नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस ने आगे कहा कि श्री अमित शाह की टिप्पणी ने अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए किए गए सकारात्मक कार्रवाई और आरक्षण के महत्व को कमजोर किया है, जो डॉ. अंबेडकर के द्वारा स्थापित किए गए थे। इस प्रकार की टिप्पणियों से संविधान के समावेशी और सहिष्णु दृष्टिकोण पर हमला होता है, जो समाज के सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा करता है।

कांग्रेस ने इस मामले में भाजपा और श्री अमित शाह से एक स्पष्ट और उचित स्पष्टीकरण की मांग की है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि भाजपा क्यों इस तरह के बयान देकर संवैधानिक मूल्यों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि उनका नेतृत्व समाज के गरीब और वंचित वर्गों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।