कोंडागांव जिले में 2 परिवार के 10 लोगों ने ईसाई धर्म छोड़कर अपने मूल धर्म आदिवासी समाज में वापसी की है। इनमें 3 बच्चे भी शामिल है। ये लोग पिछले 3-4 साल से ईसाई धर्म में फंसे हुए थे। जिन्हें प्रलोभन देकर, बहला फुसलाकर धर्म छोड़ने को मजबूर किया गया था।
धर्म में वापसी करने लोगों ने अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से मानसिक बंधन में थे। वे बीमारी के इलाज के लिए गए थे। जहां उनसे प्रार्थना कराई गई। पीने के लिए पानी दिया गया।
उस वक्त तो बीमारी ठीक हो गई लेकिन बाद में फिर से परेशानी बढ़ गई। इसके बाद उन्होंने फिर अपने धर्म में आने की सोची। वहां उन्हें पढ़ने के लिए बाइबिल दी जाती थी जिसमें ईसाई धर्म के नियम होते थे। जिनसे उनका ब्रेन वॉश किया जाता था।