रायपुर, 17 जुलाई। छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र के दौरान आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट किया कि भविष्य में छग हाउसिंग बोर्ड केवल उन्हीं परियोजनाओं पर काम करेगा, जिनमें कम से कम 60 प्रतिशत प्री-बुकिंग होगी। ऐसे प्रोजेक्ट्स में ही टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। मंत्री चौधरी ने कहा कि यह निर्णय राज्य की संपत्ति को अनावश्यक नुकसान से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

मंत्री ने विधानसभा में हाउसिंग बोर्ड की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) पॉलिसी की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा अब तक 80 हजार भवनों और आवासों का निर्माण किया गया है, जिनमें से 78 हजार भवनों की बिक्री हो चुकी है। शेष भवनों की बिक्री के लिए OTS पॉलिसी लागू की गई है, जिसके तहत नियम बनाकर बेस रेट निर्धारित किया गया और इस नीति को जनता से अच्छा प्रतिसाद मिला है।

मंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में OTS पॉलिसी लागू की गई थी, जिसके तहत तीन वर्षों में 506 मकानों का आवंटन किया गया। इसके बाद मार्च 2025 तक के लिए फिर से OTS नीति को लागू किया गया है। मार्च माह में 147 करोड़ रुपये के 1000 मकानों का आवंटन किया गया, जो नीति की सफलता को दर्शाता है।

राज्य सरकार की इस पहल से न केवल हाउसिंग बोर्ड की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि आम जनता को भी रियायती दरों पर आवास मिलने में सुविधा होगी।