छत्तीसगढ़ रेलवे को 7,470 करोड़ का बजट, परमलकसा–खरसिया और नए फ्रेट कॉरिडोर को मिली मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार के लिए केंद्र सरकार ने बजट में 7,470 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है। इस बजट में परमलकसा–खरसिया रेल कॉरिडोर और नए फ्रेट कॉरिडोर सहित कई अहम परियोजनाएं शामिल हैं। इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रायपुर के डीआरएम कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दी।

रेल मंत्री ने बताया कि यह प्रावधान छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार, यात्री सुविधाओं में सुधार और माल परिवहन को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

सीएम साय ने जताया आभार

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया। सीएम साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ को 7,470 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक रेलवे बजट मिला है, जो राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2009–14 के दौरान जहां वार्षिक औसत बजट 311 करोड़ रुपये था, वहीं 2026–27 में यह बढ़कर 7,470 करोड़ रुपये हो गया है, जो लगभग 24 गुना वृद्धि दर्शाता है। वर्तमान में राज्य में 51,080 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं प्रगति पर हैं, जिनमें नए ट्रैक निर्माण, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा उन्नयन शामिल हैं।

बस्तर को मिलेगी नई रेल कनेक्टिविटी

सीएम साय ने बताया कि सुदूर वनांचल बस्तर क्षेत्र को जोड़ने वाली रावघाट–जगदलपुर रेल परियोजना का शुभारंभ जनजातीय समाज के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ा उपहार है। इसके साथ ही परमलकसा–खरसिया कॉरिडोर और नए फ्रेट कॉरिडोर की स्वीकृति से राज्य में माल और यात्री परिवहन को नई गति मिलेगी। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में यात्री ट्रेनों की संख्या लगभग दोगुनी होने की उम्मीद है।

32 स्टेशनों का हो रहा आधुनिकीकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 32 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इनमें डोंगरगढ़ (फेज-1), अंबिकापुर, भानुप्रतापपुर, भिलाई और उरकुरा जैसे स्टेशन पूर्ण हो चुके हैं। राज्य में वंदे भारत एक्सप्रेस की दो जोड़ी और अमृत भारत एक्सप्रेस की एक जोड़ी सेवाएं यात्रियों को तेज और सुविधाजनक सफर का अनुभव दे रही हैं।

इसके अलावा, 2014 से अब तक 1,200 किलोमीटर नए ट्रैक का निर्माण, 100 प्रतिशत विद्युतीकरण, 170 फ्लाईओवर/अंडरपास और ‘कवच’ जैसी आधुनिक सुरक्षा प्रणाली छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी रेल राज्यों की श्रेणी में स्थापित कर रही हैं।