रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा जारी एक आदेश ने प्रदेश की सियासत को गर्मा दिया है। पार्टी ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि वे सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं के साथ किसी भी मंच या कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
जारी आदेश के अनुसार, कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता ऐसे किसी भी कार्यक्रम, समारोह या सार्वजनिक मंच से दूरी बनाए रखेंगे, जहां भाजपा नेताओं की उपस्थिति हो। इस निर्देश का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य बताया गया है।
यह आदेश रायपुर ग्रामीण के जिलाध्यक्ष पप्पू बंजारे की ओर से जारी किया गया है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि पार्टी अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
वहीं, कांग्रेस के इस फैसले पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राजनांदगांव से भाजपा सांसद संतोष पांडेय ने इसे कांग्रेस की आंतरिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का “रोका-छेका” है और पार्टी के भीतर भगदड़ जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं को स्वतंत्र रूप से काम करने देने के बजाय उन पर नियंत्रण रखना चाहती है।
इस आदेश के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इसका असर और गहरा होने की संभावना जताई जा रही है।







