Saturday, April 25, 2026

करही में खौफनाक वारदात: घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग, युवक की मौत, दूसरा गंभीर

सक्ती। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के करही गांव में देर रात हुई गोलीबारी की सनसनीखेज घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। अज्ञात हमलावरों ने कांग्रेस नेता एवं व्यापारी के घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है और राजनीति भी गरमा गई है।

घर में घुसकर बरसाई गोलियां
जानकारी के अनुसार, मामला बिर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत करही गांव का है। गुरुवार रात करीब 12 बजे तीन नकाबपोश हमलावर घर के पीछे के रास्ते से व्यवसायी सम्मेलाल कश्यप के घर में घुस गए। हमलावर सीधे उस कमरे में पहुंचे, जहां 19 वर्षीय आयुष कश्यप अपने भाई और बहन के साथ सो रहा था। आरोपियों ने आयुष पर दो राउंड फायरिंग की, जिसमें एक गोली सीने और दूसरी कनपटी पर लगी। गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं, उसके भाई आशुतोष कश्यप पर भी एक राउंड फायर किया गया, जो उसके दाहिने हाथ में लगा। घटना के दौरान हमलावरों द्वारा पैसों की मांग किए जाने की बात भी सामने आई है। घायल आशुतोष को तत्काल जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है।

इलाके में दहशत, पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों ने रात के समय सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

राजनीतिक परिवार से जुड़ा मामला
मृतक आयुष कश्यप, सम्मेलाल कश्यप का बेटा था, जो हाल ही में रेत के कारोबार से जुड़ा था। सम्मेलाल कश्यप लोहा व्यापारी होने के साथ ही ब्लॉक कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं और पूर्व में उपसरपंच भी रह चुके हैं। उनकी पत्नी भी पूर्व सरपंच रह चुकी हैं।

विधायकों के बयान से सियासत गरमाई
घटना के बाद जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू और जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप ने मामले में प्रतिक्रिया देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनके बयानों में इस घटना के पीछे बड़े चेहरे होने के संकेत दिए गए हैं, जिससे सियासी माहौल गरमा गया है।

रेत कारोबार से जुड़े विवाद पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में रेत कारोबार को लेकर पहले भी कई हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। कुछ समय पहले गांव के उपसरपंच की हत्या भी हुई थी, जिसका अब तक खुलासा नहीं हो सका है। ऐसे में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

बड़ी साजिश की आशंका
घटना के बाद गांव और राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि रेत के इस कारोबार के पीछे बड़े स्तर पर नेटवर्क काम कर रहा है। लोगों ने इस पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।