Sunday, May 24, 2026

500 रुपए पेंशन के लिए 90 साल की सास को पीठ पर लादकर बैंक पहुंची बहू, 5 किमी पैदल चली

सरगुजा.छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से मानवता और मजबूरी की मार्मिक तस्वीर सामने आई है। यहां एक बहू अपनी 90 वर्षीय सास को पीठ पर लादकर करीब 5 किलोमीटर पैदल चलकर बैंक पहुंची, ताकि वृद्धावस्था पेंशन के 500 रुपए मिल सकें। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया है।

जानकारी के मुताबिक मामला मैनपाट ब्लॉक के कुनिया जंगलपारा गांव का है। यहां रहने वाली सुखमनिया अपनी बुजुर्ग सास सोनवारी को पीठ पर उठाकर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पहुंची। रास्ते में नाला और खराब सड़क होने के कारण वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, इसलिए बहू को मजबूरी में सास को पीठ पर ढोकर ले जाना पड़ा।

बताया जा रहा है कि सोनवारी को हर महीने वृद्धावस्था पेंशन के रूप में 500 रुपए मिलते हैं। पिछले कुछ महीनों से केवाईसी पूरी नहीं होने के कारण पेंशन अटक गई थी। शुक्रवार को बैंक पहुंचने पर उन्हें 3 महीने की पेंशन के रूप में 1500 रुपए दिए गए, जबकि खाते में कुल 2000 रुपए जमा थे।

पहले घर पहुंचता था पेंशन का पैसा

बहू सुखमनिया ने रोते हुए बताया कि पहले बैंक मित्र घर पहुंचकर पैसे दे जाता था, लेकिन बाद में उसने घर आने से मना कर दिया। इसके बाद मजबूरी में बुजुर्ग सास को पीठ पर लादकर बैंक ले जाना पड़ा।

उन्होंने कहा कि गांव तक पहुंचने के लिए रास्ते में नाला पड़ता है, जहां कोई वाहन नहीं जा सकता। ऐसे में पैदल चलने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था।

बैंक प्रबंधन ने दी सफाई

इस मामले में बैंक प्रबंधन का कहना है कि वृद्धावस्था पेंशन घर पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध है। बैंक मैनेजर मिर्जा अल्ताफ बेग के मुताबिक मैनपाट क्षेत्र में बैंक के 8 बैंक मित्र कार्यरत हैं, जो जरूरतमंद बुजुर्गों तक घर पहुंच सेवा देते हैं।

उन्होंने बताया कि यदि परिजन पहले सूचना देते, तो बैंक मित्र घर जाकर पैसे दे देते। बैंक ने अब परिवार को आश्वस्त किया है कि आगे से सोनवारी को बैंक आने की जरूरत नहीं पड़ेगी और पेंशन की राशि घर पहुंचाई जाएगी।