कोरबा। कोरबा वन मंडल के लेमरू वन परिक्षेत्र अंतर्गत लामपहाड़-बड़गांव क्षेत्र में कथित रूप से अवैध लकड़ी कटाई और तस्करी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों की सतर्कता और शिकायत के बाद वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए लकड़ी से भरे दो वाहनों को जब्त किया है। घटना के बाद वन विभाग की निगरानी व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
10 से 12 दिनों से चल रही थी कटाई
जानकारी के अनुसार लेमरू रेंज के कक्ष क्रमांक पी-862 में कई दिनों से हरे-भरे पेड़ों की कटाई की जा रही थी। ग्रामीणों को शुरुआत में इसकी भनक नहीं लगी, लेकिन जंगल क्षेत्र में भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और लकड़ी परिवहन की सूचना मिलने के बाद उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में करीब 10 से 12 दिनों से लकड़ी कटाई और परिवहन का कार्य लगातार चल रहा था।
वाहन चालकों ने लिया स्थानीय व्यक्ति का नाम
ग्रामीणों के अनुसार मौके पर मौजूद वाहन चालकों ने लेमरू निवासी राजू खान का नाम लेते हुए बताया कि लकड़ियां उसके कहने पर लोड की जा रही थीं। हालांकि मौके पर किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच ने भी ऐसी किसी अनुमति जारी करने से साफ इनकार किया है।
वन विभाग की निगरानी पर सवाल
ग्रामीणों ने वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि जंगल में इतने दिनों तक पेड़ों की कटाई और लकड़ी का परिवहन होता रहा, तो विभाग को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली। ग्रामीणों ने इसे विभागीय लापरवाही का मामला बताया है।
ट्रैक्टर और मालवाहक वाहन जब्त
ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर तथा छह चक्का मालवाहक वाहन क्रमांक CG-11 BN-8798 को जब्त कर लिया। साथ ही कटी हुई लकड़ियों को भी कब्जे में लिया गया है।वन विभाग के अनुसार जब्त की गई लकड़ियां सेमल प्रजाति के वृक्षों की हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
मशीनों से कटाई कर की जा रही थी तस्करी
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जंगल के भीतर मशीनों की मदद से वृक्षों की कटाई की जाती थी। इसके बाद ट्रैक्टरों के माध्यम से लकड़ियों को मुख्य सड़क तक लाया जाता था और फिर बड़े वाहनों में भरकर अन्य स्थानों तक भेजा जाता था।









