Wednesday, September 9, 2026

नकटीखार में 8 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों का चक्काजाम, 2 घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन पर खत्म हुआ प्रदर्शन

कोरबा। जिले के नकटीखार गांव में बुधवार सुबह करीब 11 बजे 8 सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया। सड़क, स्कूल भवन, जमीन के रिकॉर्ड में सुधार और वनाधिकार पट्टे समेत विभिन्न मांगों को लेकर ग्रामीण बैनर-पोस्टर लेकर सड़क पर बैठ गए। प्रदर्शन में आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश तथा मांगों पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के करीब 2 घंटे बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त किया।

कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कुछ दिन पहले अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन अब तक किसी मांग पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते जनपद सदस्य क्षेत्र क्रमांक-20 कोरबा मोनिका अरविंद भगत के नेतृत्व में चक्काजाम किया गया।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। वहीं प्रशासन की ओर से तहसीलदार और एसडीएम भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर प्रदर्शन खत्म कराने का प्रयास किया।

स्कूल के रास्ते पर पुलिया और अधूरे भवन पूरे कराने की मांग

ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में नकटीखार शासकीय प्राथमिक शाला से तालाब पार जाने वाले रास्ते पर पुलिया निर्माण और सुचारु आवागमन की व्यवस्था शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया बनने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।

इसके अलावा प्राथमिक शाला नकटीखार में स्वीकृत दो भवनों का निर्माण पूरा कराने की मांग भी उठाई गई। ग्रामीणों के अनुसार भवन अधूरे होने के कारण बच्चों को पुराने और जर्जर भवन में पढ़ाई करनी पड़ रही है।

जमीन के रिकॉर्ड की गड़बड़ी दूर करने राजस्व कैंप की मांग

ग्रामीणों ने राजस्व रिकॉर्ड और नक्शे में सुधार की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि नकटीखार पहले मसाहती गांव था, जिसके कारण बंदोबस्त के दौरान नक्शे और जमीन के रिकॉर्ड में कई गलतियां हो गईं।

ग्रामीणों के मुताबिक कुछ किसानों की पुश्तैनी जमीन बंदोबस्त के बाद सरकारी रिकॉर्ड में शासकीय भूमि दर्ज हो गई। कई मामले पिछले 13-14 वर्षों से तहसील न्यायालय में लंबित बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने गांव में राजस्व विभाग का विशेष कैंप लगाकर रिकॉर्ड और नक्शे की गड़बड़ियों का निराकरण करने की मांग की है।

कई सड़कों के निर्माण और डामरीकरण की मांग

प्रदर्शनकारियों ने ग्राम पंचायत नकटीखार के भालूसटका से देवरास मोहल्ले तक कांक्रीट सड़क निर्माण की मांग की। इसके अलावा अटल चौक से अंधारदरहा तक कांक्रीट सड़क और नकटीखार के ऊपर मोहल्ले से मुंसीडीह मार्ग के डामरीकरण की मांग भी रखी गई।

खेल मैदान के लिए वनाधिकार पट्टे की मांग

ग्रामीणों ने भालूसटका खेल मैदान को सामुदायिक वनाधिकार के तहत पट्टा देने की मांग भी की। ग्रामीणों के अनुसार इस जमीन का उपयोग धार्मिक आयोजनों और खेल गतिविधियों के लिए किया जाता है, इसलिए इसके लिए वनाधिकार पट्टा जारी किया जाना जरूरी है।

ग्रामीणों का कहना है कि उनकी 8 सूत्रीय मांगें लंबे समय से लंबित हैं। ज्ञापन और शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं होने के कारण उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा। प्रशासन के आश्वासन के बाद फिलहाल चक्काजाम समाप्त कर दिया गया है।