Wednesday, September 16, 2026

कोरबा में मालगाड़ी के इंजन पर पत्थरबाजी, लोको पायलट घायल; RPF ने आरोपी को किया गिरफ्तार

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकने के मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। पत्थर इंजन से टकराने के कारण अंदर मौजूद लोको पायलट घायल हो गया था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपका के कृष्णानगर निवासी रोशन तिवारी (26) के रूप में हुई है। आरोपी को बिलासपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

10 सितंबर की रात मालगाड़ी पर फेंका था पत्थर

घटना 10 सितंबर 2026 की रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, मालगाड़ी नंबर एन बॉक्स/15 जूनाडीह से दीपका एसईसीएल साइडिंग की ओर जा रही थी। इसी दौरान दीपका बाजार फाटक के पास अचानक किसी ने मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंक दिया।

पत्थर इंजन से टकराने के बाद लोको पायलट को चोट लगी। घटना की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल ने मामले की जांच शुरू की।

रेलवे एक्ट की धारा 153 में केस दर्ज

घटना के बाद RPF पोस्ट कोरबा में रेलवे अधिनियम की धारा 153 के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू की गई। RPF ने दीपका पुलिस की मदद से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पूछताछ में पत्थर फेंकने की बात कबूलने का दावा

RPF के अनुसार, पूछताछ में युवक ने अपना नाम रोशन तिवारी, पिता स्व. दुर्गा प्रसाद तिवारी, निवासी वार्ड नंबर 07 कृष्णानगर, दीपका बताया। RPF का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने मालगाड़ी के इंजन पर पत्थर फेंकने की बात स्वीकार की।

RPF के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि घटना के समय वह शराब के नशे में था और इसी दौरान उसने इंजन पर पत्थर फेंका था। हालांकि, पूछताछ में सामने आए इस कथन की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों के आधार पर होगी।

15 सितंबर को रेलवे कोर्ट में पेशी, न्यायिक हिरासत

RPF ने आरोपी को मामले में गिरफ्तार कर 15 सितंबर 2026 को बिलासपुर रेलवे कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

RPF ने की पत्थरबाजी नहीं करने की अपील

RPF ने लोगों से रेलवे ट्रैक और ट्रेनों के आसपास पत्थरबाजी जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की है। रेलवे सुरक्षा बल के अनुसार, ट्रेन पर पत्थर फेंकने से लोको पायलट, सहायक लोको पायलट या यात्रियों को चोट लग सकती है और गंभीर रेल दुर्घटना का खतरा पैदा हो सकता है।