Saturday, September 19, 2026

कोरबा में SECL खदान के लिए अस्पताल तोड़ने पर बवाल, GM दफ्तर के बाहर ग्रामीणों का प्रदर्शन; पुलिस से झड़प

SECL दीपका GM अशोक कुमार ग्रामीणों के बीच पहुंचे और उन्हें समझाने की कोशिश की।कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में SECL गेवरा खदान के नए प्रोजेक्ट के लिए सरकारी भवनों को तोड़े जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हरदीबाजार में शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भवन पर बुलडोजर चलाए जाने के विरोध में शनिवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण दीपका स्थित SECL के मुख्य महाप्रबंधक (GM) कार्यालय पहुंच गए। ग्रामीणों ने GM कार्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प की स्थिति भी बनी।

प्रदर्शन में हरदीबाजार, सराई सिंगार, रेंकी और आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कटघोरा से भाजपा विधायक प्रेमचंद पटेल के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने 100 प्रतिशत मुआवजा, नौकरी, पुनर्वास और वैकल्पिक अस्पताल की मांग उठाई।

अस्पताल के साथ छात्रावास और आंगनबाड़ी भी ढहाए गए

SECL गेवरा खदान के नए प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई के तहत हरदीबाजार में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा छात्रावास, आंगनबाड़ी भवन और पटवारी कार्यालय को भी तोड़ा गया है।

ग्रामीणों और संबंधित कर्मचारियों का आरोप है कि भवनों को तोड़ने से पहले जरूरी दस्तावेज, दवाइयां और अन्य सामान निकालने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उनका कहना है कि कुछ सामग्री मलबे में दब गई।

इलाज के लिए पहुंचे मरीजों के सामने चला बुलडोजर

शुक्रवार को जब CHC भवन को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई, उस समय कई मरीज इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। भवन पर बुलडोजर चलता देखकर मरीजों और उनके परिजनों को बिना इलाज कराए वापस लौटना पड़ा।

ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र था। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए अस्पताल भवन को हटाए जाने से आसपास के गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें क्या हैं?

ग्रामीणों ने जमीन अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़े मामलों का समाधान करने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • जमीन अधिग्रहण का उचित और 100 प्रतिशत मुआवजा।
  • मुआवजा पत्रक में मौजूद गड़बड़ियों को दूर करना।
  • प्रभावित परिवारों के लिए नई बसाहट और बेहतर पुनर्वास।
  • पात्र प्रभावित परिवारों को स्थायी नौकरी।
  • करीब 18 हेक्टेयर जमीन से प्रभावित परिवारों के अधिकारों का संरक्षण।
  • अस्पताल टूटने से पहले वैकल्पिक अस्पताल की व्यवस्था।

पुलिस बल तैनात, प्रदर्शन के दौरान झड़प

ग्रामीणों के प्रदर्शन को देखते हुए SECL GM कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति भी बनी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

ग्रामीणों के बीच पहुंचे SECL GM

प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद SECL दीपका GM अशोक कुमार ग्रामीणों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। हालांकि, ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे।

GM अशोक कुमार ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से की जा रही कुछ मांगें उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि मामले को उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाकर आगे की कार्रवाई के संबंध में चर्चा की जाएगी।

जमीन अधिग्रहण के तहत कार्रवाई का SECL का पक्ष

SECL प्रबंधन के मुताबिक, सरकारी भवनों को हटाने की कार्रवाई जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत की गई है। वहीं, ग्रामीणों और कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र और अन्य सरकारी भवनों को हटाने से पहले प्रभावित लोगों की समस्याओं और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए था।

फिलहाल अस्पताल समेत अन्य सरकारी भवनों को हटाए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है और वे मुआवजा, नौकरी, पुनर्वास तथा वैकल्पिक स्वास्थ्य सुविधा की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।